Edited By Radhika,Updated: 27 May, 2026 06:47 PM

कांग्रेस ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ हमला तेज करते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपनी चुप्पी तोड़ने, "अक्षम" शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रश्नपत्र लीक को कतई बर्दाश्त नहीं करते...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ हमला तेज करते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपनी चुप्पी तोड़ने, "अक्षम" शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रश्नपत्र लीक को कतई बर्दाश्त नहीं करते हुए सख्त कानून लागू करने की मांग की। कांग्रेस नेता कन्हैया ने नीट प्रश्नपत्र लीक, उसके बाद परीक्षा रद्द होने और सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर जारी विवाद पर सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित करने में सक्षम नहीं है। कुमार ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, "सभी महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को सौंपी गई है, जिस पर बार-बार सवाल उठाए जाते हैं।
कुमार ने कहा कि एनटीए के निदेशक अभिषेक सिंह की पृष्ठभूमि की जांच से यह सामने आ जाएगा कि वह सत्ता में बैठे लोगों के कितने करीब हैं और सरकार में लोगों के साथ उनके क्या राजनीतिक संबंध हैं। कुमार ने सवाल किया कि ऐसे अधिकारियों को राजनीतिक लाभ के लिए महत्वपूर्ण पदों पर क्यों नियुक्त किया गया और विफलता के बाद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा, "नरेन्द्र मोदी, देश के युवाओं के सपनों को तोड़कर उन्हें 'विकसित भारत' का तमाशा दिखा रहे हैं। जो देश में हो रहा है वह सरकार के लिए भले ही मजाक हो, लेकिन बच्चों के लिए यह जीवन और मृत्यु का प्रश्न है।" कुमार ने कहा कि यह कितना दुखद है कि मोदी सरकार एक भी परीक्षा सही ढंग से नहीं करा पा रही। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि जब एक 17 वर्षीय छात्र ने सीबीएसई से जुड़ी समस्याओं पर याचिका दी, तो कुछ ऐसे पत्रकारों ने जिनमें साहस नहीं है, उसे देशद्रोही कह दिया।
कुमार ने कहा, "वही प्रधानमंत्री जो परीक्षा से पहले 'परीक्षा पे चर्चा' करते हैं, प्रश्नपत्र लीक होने पर एक शब्द भी नहीं बोलते। पहले नीट प्रश्नपत्र लीक की खबरें सामने आईं, और फिर सीबीएसई का मुद्दा सामने आया। नरेन्द्र मोदी की क्या मजबूरी है कि उन्होंने एक अयोग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया?" उन्होंने कहा कि एनएसयूआई और भारतीय युवा कांग्रेस लगातार प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे उठा रहे हैं, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा "हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ें और अक्षम शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करें। प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं।" कुमार ने कहा, "इस असफल शिक्षा मंत्री को कब उनके पद से हटाया जाएगा? एनटीए परीक्षा सही ढंग से नहीं करा पा रही है; यह जिम्मेदारी उससे वापस ली जानी चाहिए। हम छात्रों को बताना चाहते हैं कि हम उनके साथ खड़े हैं, हम उनके लिए लड़ाई जारी रखेंगे।" कुमार ने कहा कि पार्टी नीट अभ्यर्थियों की सहायता कर रही है और भविष्य में भी छात्रों की मदद जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी और की विफलता के कारण अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।