भारत दुनिया को विकास का नया मॉडल दे रहा है: PM मोदी

Edited By Updated: 11 Jul, 2026 05:14 PM

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के विकास की गति अभूतपूर्व है और वह दुनिया को विकास का एक नया मॉडल दे रहा है। मोदी ने ऑकलैंड में प्रवासी भारतीय समुदाय के 'किया ओरा मोदी' नामक कार्यक्रम को संबोधित करते...

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के विकास की गति अभूतपूर्व है और वह दुनिया को विकास का एक नया मॉडल दे रहा है। मोदी ने ऑकलैंड में प्रवासी भारतीय समुदाय के 'किया ओरा मोदी' नामक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध सुखद स्मृतियों, स्थायी मित्रता, साझा मूल्यों और परस्पर प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भी मौजूद थे। मोदी ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ''वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत जिस गति से विकास कर रहा है, वह अभूतपूर्व है। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया को विकास का एक नया मॉडल दे रहा है। उन्होंने कहा, ''आज भारत में एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं। भारत ड्रोन प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नयी ऊंचाइयां छू रहा है।'' इस दौरान लोगों ने तालियां बजाईं और ''मोदी-मोदी'' के नारे लगाए। मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है तथा दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता विकसित राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा को गति देगा। भारत और न्यूज़ीलैंड के भविष्य को आपस में जुड़ा बताते हुए मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौता एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा को गति देगा। मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र खुद भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी की अपार संभावनाओं को दिखाता है। उन्होंने भारतीय समुदाय के 10,000 से ज्यादा लोगों की सभा को संबोधित करते हुए कहा, "हमारे व्यापार समझौते में भी यही भावना झलकती है। यह समझौता विकसित भारत की ओर हमारे सफर को तेज करेगा। इससे भारत और न्यूजीलैंड, दोनों देशों में कारोबार के लिए नए मौक़े बनेंगे।" अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी चरण में शुक्रवार को ऑकलैंड पहुंचे मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक और अहम समानता है। उन्होंने कहा, "अपनी मूल संस्कृतियों का जश्न मनाना और उन्हें संरक्षित करना हमारी साझा प्रतिबद्धता है।"

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पिछले 40 वर्ष में न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को एक मफलर दिखाया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में आने से पहले करीब 25-30 वर्ष पूर्व जब वह न्यूजीलैंड आए थे, तब उन्हें यह उपहार में मिला था। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंध सुखद यादों, अटूट दोस्ती, साझा मूल्यों और आपसी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड की संस्कृति का एक सुंदर शब्द इस रिश्ते की असल भावना को दर्शाता है – 'वाका'। सदियों से, यह शब्द लोगों को एक साथ लाने का प्रतीक रहा है। 'वाका' सिर्फ एक नाव नहीं है, बल्कि यह एक साझा सफर का प्रतीक है। आज, भारत-न्यूज़ीलैंड की 'वाका' एक नई यात्रा पर साथ निकलने के लिए तैयार है।" उन्होंने कहा, "भारत और न्यूजीलैंड के सामने अवसरों का एक विशाल सागर है।" मोदी ने अपने न्यूजीलैंड के समकक्ष लक्सन, सरकारी अधिकारियों और लेबर पार्टी के सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए दोनों पार्टियों के मजबूत समर्थन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, "यह कीवी-भारतीय समुदाय की शानदार उपलब्धियों का भी प्रमाण है।"

मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड के स्थानीय लोगों ने वहां के भारतीय समुदाय को अपना लिया है। उन्होंने निखिल रवि शंकर, आनंद सत्यानंद और क्रिकेटर रचिन रवींद्र जैसी कामयाब हस्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड एक ऐसी जगह है, जहां सड़कों पर भी भारतीय शहरों का सम्मान किया गया है।" उन्होंने कहा, "हर दौर में भारत ने खुद को बदला है... और इसकी वजह यह है कि भारत हमेशा दूसरों से सीखने के लिए तैयार रहता है। हमारे लिए किसी देश की आबादी का आकार मायने नहीं रखता, बल्कि अपने लोगों की भलाई के प्रति उसकी प्रतिबद्धता मायने रखती है; और इसीलिए, हमने न्यूजीलैंड से बहुत कुछ सीखा है और अब भी उससे सीख रहे हैं।" उन्होंने कहा, "आज हम देखते हैं कि न्यूजीलैंड के समाज में महिलाएं बड़े पैमाने पर योगदान दे रही हैं।

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भारत भी आज 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' के मंत्र के साथ महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है।" मोदी ने कहा कि जिस तरह भारत अपनी अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को बहुत महत्व देता है, उसी तरह वह अपनी विरासत को भी उतना ही महत्व देता है। उन्होंने कहा, "इस प्रतिबद्धता का एक प्रमाण वह तरीका है, जिससे भारत ने गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप की रक्षा की। जब अफगानिस्तान संकट का सामना कर रहा था, तब हम गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप को अत्यंत सम्मान और श्रद्धा के साथ भारत लाए।" मोदी ने भारतीय समुदाय से आग्रह किया कि वे भारत और न्यूजीलैंड के बीच दोस्ती, भरोसे और सहयोग की कड़ी के तौर पर काम करना जारी रखें और दोनों देशों के फायदे के लिए रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता को साकार करने में मदद करें। यह देखते हुए कि 2026 में खेल के क्षेत्र में सहयोग के 100 साल पूरे हो रहे हैं, मोदी ने कहा कि दोनों देश अपने खेल संबंधों को और मजबूत करने के इच्छुक हैं। भा

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