Edited By Radhika,Updated: 07 Jul, 2026 08:30 PM

पीएम मोदी आज इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे। यहां पर अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर भारत-इंडोनेशिया की एक राय है।
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत और इंडोनेशिया का रुख एक जैसा और पक्का है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के दौरान समर्थन के लिए इंडोनेशियाई नेतृत्व का धन्यवाद किया। आज इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए, भारतीय प्रधानमंत्री ने तेजी से बदलते वैश्विक माहौल में UN सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
इंडोनेशियाई संसद (कोम्पलेक्स पार्लेमेन रिपब्लिक इंडोनेशिया) के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, "आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत और इंडोनेशिया की सोच हमेशा एक जैसी रही है। पिछले साल पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के समय इंडोनेशिया मजबूती से भारत के साथ खड़ा रहा। मैं राष्ट्रपति प्राबोवो और आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।" उन्होंने कहा कि दोनों देश 'जॉइंट वर्किंग ग्रुप' के जरिए आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
PM मोदी ने कहा, "खुफिया जानकारी, साइबर खतरे, टेरर फंडिंग और डी-रेडिकलाइजेशन (कट्टरपंथ से दूर करना) - इन क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ाकर हम दुनिया में शांति चाहने वाली ताकतों को मजबूत कर सकते हैं।" उन्होंने एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और इस क्षेत्र में नेविगेशन (आवाजाही) की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। आज के दौर में तेजी से बदलते वैश्विक माहौल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया जैसे देश समान भागीदारी और अहम भूमिका चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इस वैश्विक परिदृश्य में, भारत का दृढ़ विश्वास है कि UNSC में सुधार में अब और देरी नहीं की जा सकती।"
अपने संबोधन में उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी पर जोर दिया और कहा, "हमारे दोनों देशों को लगभग एक ही समय में आजादी मिली: इंडोनेशिया को 1945 में और भारत को 1947 में। जब स्वतंत्र देशों के तौर पर संप्रभुता की बात आई, तो भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इंडोनेशिया के स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थन में एक मजबूत आवाज उठाई।" उस समय सम्मानित बीजू पटनायक ने जो भूमिका निभाई—जिस तरह से वे प्रधानमंत्री सुतान शजरिर और उपराष्ट्रपति मोहम्मद हट्टा को सुरक्षित भारत लाए, उससे दोनों देश करीब आए।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के तीन दिन के दौरे पर हैं।
आज इससे पहले, उन्होंने राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ बातचीत की और 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के सभी पहलुओं की समीक्षा की। इसमें व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, डिजिटल और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज और रेयर अर्थ, संस्कृति, पर्यटन, कृषि और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल हैं। दोनों नेताओं ने भारत के 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स' (ONDC) पर आधारित 'इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क' (ION) की शुरुआत का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, 2027 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि दोनों देश इस अवसर को संयुक्त रूप से "सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति के लिए टैगोर-देवान्तारा वर्ष" के रूप में मनाएंगे।