Edited By Ramkesh,Updated: 17 Jul, 2026 08:12 PM

भारत टेक्स 2026 भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच ऊन क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। यह बात वूल एंड वूलेंस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (डब्ल्यूडब्ल्यूईपीसी) के अध्यक्ष श्री आर.सी. खन्ना ने कही।
नेशनल डेस्क: भारत टेक्स 2026 भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच ऊन क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। यह बात वूल एंड वूलेंस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (डब्ल्यूडब्ल्यूईपीसी) के अध्यक्ष श्री आर.सी. खन्ना ने कही।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भारत-न्यूज़ीलैंड वूल इंडस्ट्री राउंडटेबल रहा, जिसकी अध्यक्षता आर.सी. खन्ना ने की। इसमें न्यूज़ीलैंड के ग्रामीण समुदायों के मंत्री तथा कृषि एवं क्षेत्रीय विकास के एसोसिएट मंत्री मार्क पैटरसन, डब्ल्यूडब्ल्यूईपीसी के उपाध्यक्ष हरमीत सिंह भल्ला, कार्यकारी निदेशक संजय चावला, न्यूज़ीलैंड के उप उच्चायुक्त तथा न्यूज़ीलैंड के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान टिकाऊ कच्चे ऊन की आपूर्ति, प्रौद्योगिकी सहयोग, मूल्य संवर्धन तथा द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। डब्ल्यूडब्ल्यूईपीसी ने न्यूज़ीलैंड की वूल इम्पैक्ट (Wool Impact) संस्था के साथ पहले मेमोरेंडम ऑफ इंटेंट (एमओआई) और उसके बाद प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता सुधार तथा बाज़ार विकास में दीर्घकालिक सहयोग के लिए औपचारिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) करने की प्रक्रिया शुरू करने की पहल की है।
आर.सी. खन्ना ने कहा कि हरमीत सिंह भल्ला ने चर्चा के दौरान भारत के मूल्यवर्धित ऊन उद्योग की ताकत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि निर्माताओं, निर्यातकों और ग्रामीण कारीगरों के लिए नए अवसर सृजित किए जा सकें। आर.सी. खन्ना ने भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय को भारत टेक्स 2026 के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने अतिरिक्त सचिव आरती कंवल के नेतृत्व की सराहना करते हुए नरेन गोयनका, भद्रेश एम. धोढिया, ए. साक्थिवेल, डॉ. राकेश कुमार, सुधीर सेखरी तथा पूरी भारत टेक्स आयोजन टीम के प्रयासों की भी प्रशंसा की, जिन्होंने इस आयोजन को विश्वस्तरीय टेक्सटाइल कार्यक्रम का स्वरूप दिया।
उन्होंने कहा कि भारत टेक्स अब नीति संवाद, व्यापारिक साझेदारी और निर्यात संवर्धन के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन के सकारात्मक परिणाम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न के अनुरूप भारत को वैश्विक टेक्सटाइल महाशक्ति बनाने के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।