'अलगाववादी ताकतों को नहीं मिलनी चाहिए जगह', अमेरिका में हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ करने पर भारत ने लगाई लताड़

Edited By Updated: 23 Dec, 2023 04:26 PM

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका स्थित एक मंदिर की दिवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे जाने और उसमें तोड़फोड़ की घटना पर शनिवार को चिंता व्यक्त की।

नेशनल डेस्क: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका स्थित एक मंदिर की दिवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे जाने और उसमें तोड़फोड़ की घटना पर शनिवार को चिंता व्यक्त की। विदेश मेंत्री ने कहा कि भारत के बाहर चरमपंथियों और अलगाववादी ताकतों को जगह नहीं मिलनी चाहिए। विदेश मंत्री यहां राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

'चरमपंथियों को नहीं मिलनी चाहिए'
जयशंकर ने घटना के बारे में एक सवाल पर कहा, ‘‘मैंने खबरें देखी हैं। जैसा कि आप जानते हैं, हम इस बारे में चिंतित हैं। भारत के बाहर चरमपंथियों और अलगाववादी ताकतों को जगह नहीं मिलनी चाहिए। जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में हमारे वाणिज्य दूतावास ने (अमेरिकी) सरकार और वहां की पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है और मुझे विश्वास है कि मामले की जांच की जा रही है।'' कैलिफोर्निया के नेवार्क में पुलिस विभाग ने कहा कि शुक्रवार सुबह लगभग 8.35 बजे उसे श्री स्वामीनारायण मंदिर (हिंदू मंदिर) में नारे लिखे जाने की सूचना मिली।

सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों के अनुसार खालिस्तान शब्द के साथ अन्य आपत्तिजनक नारे मंदिर के बाहर एक ‘साइनपोस्ट' पर स्प्रे-पेंट किये गये थे। नेवार्क पुलिस ने कहा कि हिंसा, संपत्ति की क्षति, उत्पीड़न, नफरत या पूर्वाग्रह से प्रेरित अन्य अपराधों के किसी भी कृत्य या धमकी को बहुत गंभीर माना जाता है और इसे उच्च प्राथमिकता दी जाती है। सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने मंदिर को विरूपित करने की कड़ी निंदा की।

निखिल गुप्ता को लेकर क्या बोले जयशंकर?
चेक गणराज्य में निखिल गुप्ता की गिरफ्तारी के बारे में जयशंकर ने कहा कि भारतीय दूतावास को उन तक (उस देश की सरकार द्वारा) राजनयिक पहुंच प्रदान की गई थी। गुप्ता पर भारतीय अधिकारी के साथ मिलकर अमेरिका स्थित खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप है। जयशंकर ने कहा, ‘‘जब भी किसी भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया जाता है, तो हम उनकी देखभाल के लिए राजनयिक पहुंच की मांग करते हैं जो हमें तीन बार मिल चुकी है।''
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10वें ‘वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन' के लिए भागीदार देशों की सूची से अमेरिका और कनाडा की अनुपस्थिति पर जयशंकर ने कहा कि वह इसका कोई राजनीतिक मायने नहीं निकालेंगे। मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार के स्तर पर, यह निर्भर करता है कि हम किसे आमंत्रित करते हैं...गुजरात सरकार (देशों को आमंत्रित करने पर) उत्तर दे सकती है। मैं कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकालूंगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरी समझ इसके विपरीत है। वास्तव में कई काउंटी हमसे वाइब्रेंट गुजरात में भाग लेने के लिए बात कर रहे हैं। हम उनसे गुजरात सरकार से बात करने के लिए कहते हैं। हम इसका समर्थन करना चाहेंगे क्योंकि हम अधिकतम प्रतिभागियों को देखना चाहते हैं।''

 

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