Edited By Pardeep,Updated: 07 Apr, 2026 09:30 PM

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को भारत की पहली चालक रहित 'पॉड टैक्सी' परियोजना का शिलान्यास किया। यह एक स्वचालित तीव्र पारगमन प्रणाली है, जिसे मुंबई में कुर्ला और बीकेसी के बीच विकसित किया जा रहा है, ताकि दैनिक यात्रियों को...
नेशनल डेस्कः महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को भारत की पहली चालक रहित 'पॉड टैक्सी' परियोजना का शिलान्यास किया। यह एक स्वचालित तीव्र पारगमन प्रणाली है, जिसे मुंबई में कुर्ला और बीकेसी के बीच विकसित किया जा रहा है, ताकि दैनिक यात्रियों को अंतिम-छोर तक पहुंच मिल सके। चेम्बूर स्थित डायमंड गार्डन मेट्रो स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्रियों- एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार ने भी शिरकत की।
फडणवीस ने कहा कि परियोजना के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो गई हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) वित्तीय राजधानी के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र तक अंतिम छोर का संपर्क प्रदान करने के लिए कुर्ला और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीच 'पॉड टैक्सी' परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है। बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) मुंबई, भारत का एक प्रमुख व्यावसायिक जिला है, जिसे एमएमआरडीए ने व्यावसायिक गतिविधियों को विकेंद्रित करने के उद्देश्य से विकसित किया है।
एमएमआरडीए के अधिकारियों ने बताया कि 8.85 किलोमीटर लंबी स्वचालित तीव्र पारगमन प्रणाली (एआरटीएस) के चरणों में विकसित होने पर 'अंतिम छोर तक संपर्क' को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना मार्ग में 22 वातानुकूलित स्टेशन होंगे, जो लगभग 200 मीटर के अंतराल पर स्थित होंगे। इसके पहले चरण में बांद्रा (पूर्वी) और कुर्ला के बीच 3.36 किलोमीटर का हिस्सा शामिल होगा। यह प्रणाली एलबीएस मार्ग, कलानगर और बीकेसी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी, तथा बांद्रा और कुर्ला उपनगरीय रेलवे स्टेशनों को आपस में मिलाएगी।
'पॉड टैक्सी' में कोई चालक नहीं होगा और एआई-आधारित यह सेवा एक खास समर्पित मार्ग पर चलेगी तथा बैटरी ऊर्जा से संचालित होगी। हर पॉड में अधिकतम छह यात्री बैठ सकेंगे और यह 40 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ़्तार से हर 15 सेकंड के अंतराल पर चलेगी। ये 'पॉड' सिर्फ़ उन स्टेशनों पर रुकेंगे, जिन्हें यात्रियों ने चुना होगा, जिससे सफर और भी तेज एवं अधिक सुगम बन जाएगा। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर लागू की जाएगी, जिससे राज्य सरकार या एमएमआरडीए पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, और साथ ही प्राधिकरण के लिए राजस्व भी उत्पन्न होगा।
अधिकारियों ने बताया कि 'पॉड टैक्सी' प्रणाली से यातायात जाम कम होने, यात्रा का समय घटने और पर्यावरण-अनुकूल आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है; साथ ही, 2031 तक इसके जरिए रोजाना 1.09 लाख से अधिक यात्रियों के सफ़र करने का अनुमान है। समारोह को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि 'पॉड टैक्सी' परियोजना की योजना इस तरह से बनाई गई है कि कुर्ला या बांद्रा जाने वाले यात्रियों को किसी अन्य सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह उल्लेख करते हुए कि परियोजना का पहला चरण 10 महीने के भीतर तैयार हो जाएगा, फडणवीस ने एमएमआरडीए से कहा कि अगर कोई एजेंसी परियोजना का काम रोकने की कोशिश करती है, तो उन्हें तुरंत सूचित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बीकेसी में सुरंगों का एक नेटवर्क विकसित किया जाएगा।