Edited By Tanuja,Updated: 09 Apr, 2026 06:44 PM

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि भारत और अमेरिका एक-दूसरे के लिए बेहद महत्वपूर्ण साझेदार हैं। उन्होंने भारत के स्टार्टअप और तकनीकी ढांचे की सराहना की। दोनों देशों के बीच AI, व्यापार और निवेश को लेकर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा तेज हो रही है।
International Desk: मिडल ईस्ट जंग के बीच भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक सकारात्मक संदेश सामने आया है। ईरान के साथ युद्ध विराम दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा है कि दोनों देश एक-दूसरे के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं और उनकी साझेदारी बेहद मजबूत हो सकती है। नई दिल्ली स्थित US Embassy in India ने वेंस के इस बयान को साझा किया। वेंस ने अपने भारत दौरे (अप्रैल 2025) के दौरान कहा था कि भारत के पास दुनिया के सबसे बेहतरीन स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक है, जबकि अमेरिका के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हार्डवेयर में बढ़त है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश मिलकर काम करें, तो टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
इसी बीच, भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने भी भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति Donald Trump के साथ डिनर के दौरान दोनों देशों के रिश्तों और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा की। राजदूत ने इस मुलाकात को “यादगार” बताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, अमेरिकी वाणिज्य सचिव Howard Lutnick के साथ बैठक में AI, व्यापार और निवेश को लेकर नई योजनाओं पर चर्चा हुई। इसमें भारत के फार्मा सेक्टर के अमेरिका में निवेश और सप्लाई चेन मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल थे।