Edited By Tanuja,Updated: 19 Apr, 2026 05:51 PM

ईरान ने Hormuz बंद रखने का फैसला बरकरार रखा है। United States के ब्लॉकेड के जवाब में यह कदम उठाया गया। इससे वैश्विक तेल संकट गहराया, जबकि इजराइल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष और सीज़फायर भी तनावपूर्ण बना हुआ है।
International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच टकराव अब और गंभीर हो गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगर जिद्दी हैं तो ईरान महाजिद्दी है और जब तक उसके बंदरगाहों पर लगाए गए समुद्री ब्लॉकेड को नहीं हटाता, तब तक Hormuz को बंद ही रखा जाएगा। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने घोषणा की कि यह रणनीतिक जलमार्ग फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है और जब तक अमेरिका नहीं झुकता अमेरिका जहाजों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी। इसी दौरान, ईरानी गनबोट्स ने एक तेल टैंकर पर फायरिंग भी की, हालांकि जहाज और उसका क्रू सुरक्षित बताया गया है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। ऐसे में इस रास्ते के बंद होने से पहले से चल रहे ऊर्जा संकट और गहरा सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इस पूरे तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष भी जारी है। करीब दो महीने से चल रही इस लड़ाई में हजारों लोगों की जान जा चुकी है ईरान, लेबनान, इजराइल और खाड़ी देशों में भारी नुकसान हुआ है। 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत की खबर है।
इसी दौरान Israel ने दावा किया है कि उसने सीज़फायर लागू होने से पहले Hezbollah के 150 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराया, जिनमें एक कमांडर Ali Rida Abbas भी शामिल था। हालांकि, हिज़्बुल्लाह ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा कि उनका देश “स्थायी शांति” चाहता है, लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि हालिया बातचीत में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज़ को लेकर अभी भी बड़े मतभेद बने हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका ब्लॉकेड नहीं हटाता, तब तक अन्य देशों को भी इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यानी स्थिति साफ है अगर ईरान नहीं गुजर सकता, तो कोई और भी नहीं। इस बीच Lebanon में 10 दिन का सीज़फायर लागू है और वहां धीरे-धीरे हालात सामान्य करने की कोशिश हो रही है। सेना ने कई अहम सड़कों और पुलों को दोबारा खोलना शुरू कर दिया है, जिन्हें युद्ध के दौरान नुकसान पहुंचा था।