नेपाल के लिए भारत फिर बना मसीहा, तबाही के बीच 37.5 टन और राहत सामग्री भेजी

Edited By Updated: 27 Aug, 2026 02:38 PM

india sends second tranche of relief material to flood hit nepal

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही के बीच भारत ने दूसरी राहत उड़ान रवाना की। C-17 विमान से 37.5 टन मानवीय सहायता, दवाइयां, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान भेजा गया। इससे पहले C-130J विमान से करीब 10 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई थी।

Kathmandu: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से मची तबाही के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारत ने गुरुवार को 37.5 टन मानवीय सहायता, जरूरी दवाइयां और खाद्य सामग्री लेकर दूसरी उड़ान नेपाल के लिए रवाना की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के साथ लगातार संपर्क में है और खोज एवं बचाव अभियान के दौरान हर संभव सहायता जारी रखेगा।

 

पहले भेजी गई थी 10 टन राहत सामग्री
भारत की ओर से इससे पहले बुधवार को करीब 10 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई थी। यह सामग्री भारतीय वायुसेना के C-130J हरक्यूलिस विमान से भेजी गई थी। हिंदन एयरफोर्स स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर आर. ढोभाल ने बताया कि आपदा की जानकारी मिलते ही विमान को राहत सामग्री, दवाइयों और जनरेटर के साथ तैयार किया गया था। नागरिक प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की मदद से इसे तेजी से रवाना किया गया। विमान करीब दो घंटे में नेपाल पहुंचा और लगभग 10 टन राहत सामग्री वहां पहुंचाई गई।

 

C-17 विमान में 30-40 टन तक सामग्री
दूसरे राहत मिशन के लिए भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान का इस्तेमाल किया गया। विमान के कमांडर एल. नायक ने बताया कि इसमें लगभग 30 से 40 टन राहत सामग्री, चिकित्सा सामग्री और NDRF का सामान ले जाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि भारत से नेपाल तक उड़ान में करीब 1 घंटे 15 मिनट का समय लगता है। खराब मौसम या किसी अन्य कारण से नेपाल में विमान नहीं उतर पाने की स्थिति के लिए भारत में दो एयरबेस को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तैयार रखा गया था।

 

नेपाल में हजारों लोग प्रभावित
नेपाल में भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। सड़कों, पुलों, घरों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

 

भारत ने फिर दिखाया ‘Neighbourhood First’
नेपाल को भेजी जा रही यह सहायता भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति के तहत मानवीय मदद का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और जरूरत के अनुसार आगे भी सहायता उपलब्ध कराता रहेगा। भारतीय वायुसेना ने भी संकेत दिया है कि यदि नेपाल को और मदद की जरूरत पड़ती है तो अतिरिक्त राहत मिशन के लिए वह पूरी तरह तैयार है।
 

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