Edited By Mansa Devi,Updated: 11 Oct, 2025 04:54 PM

भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। सरकार ने घोषणा की है कि देश का पहला स्वदेशी AI मॉडल फरवरी 2026 तक लॉन्च कर दिया जाएगा। इसे पूरी तरह भारतीय डेटा सेट्स पर प्रशिक्षित किया जाएगा और भारत में ही होस्ट...
नेशनल डेस्क: भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। सरकार ने घोषणा की है कि देश का पहला स्वदेशी AI मॉडल फरवरी 2026 तक लॉन्च कर दिया जाएगा। इसे पूरी तरह भारतीय डेटा सेट्स पर प्रशिक्षित किया जाएगा और भारत में ही होस्ट किया जाएगा। इस मॉडल का औपचारिक उद्घाटन India AI Impact Summit के दौरान किया जाएगा।
स्वदेशी AI मॉडल का मकसद और तैयारी
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि भारत का पहला पूर्णत: स्वदेशी AI मॉडल इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में होने वाले India AI Impact Summit में इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इसके जरिए भारत AI तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाएगा।
मजबूत कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 38,000 GPUs तैनात
कृष्णन ने बताया कि AI मॉडल्स के लिए भारत ने कंप्यूटिंग पावर में तेजी से वृद्धि की है। शुरुआती लक्ष्य 10,000 GPUs का था, लेकिन अब 38,000 GPUs तैनात किए जा चुके हैं। सरकार हर तिमाही में ओपन बिडिंग के जरिए और GPUs जोड़ने की योजना बना रही है, ताकि भारतीय कंपनियां भी इसका लाभ उठा सकें।
स्वदेशी GPU विकास की दिशा में कदम
MeitY सचिव ने यह भी बताया कि भारत India Semiconductor Mission 2.0 के तहत अपने खुद के GPU विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू GPU निर्माण से देश की टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और यह भविष्य में भारत के AI इकोसिस्टम को और भी सुदृढ़ बनाएगा।
भारतीय डेटा पर आधारित Sovereign AI मॉडल
MeitY के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि भारत का Sovereign AI मॉडल पूरी तरह से भारतीय डेटा सेट्स पर प्रशिक्षित होगा और भारत में ही होस्ट किया जाएगा। सरकार इस दिशा में 12 घरेलू कंपनियों को सहयोग दे रही है। इनमें से कम से कम दो कंपनियां इस साल के अंत तक अपने फाउंडेशनल मॉडल तैयार कर लेंगी।
सरकारी दृष्टिकोण और भविष्य की योजनाएं
सरकार का लक्ष्य है कि भारतीय AI इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाना। स्वदेशी AI मॉडल के जरिए न केवल टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को भी उच्च स्तरीय AI मॉडल्स तक पहुंच मिलेगी।