Edited By Tanuja,Updated: 28 Mar, 2026 04:51 PM

पूर्व राजनयिक विद्या भूषण सोनी ने कहा है कि ईरान अमेरिका की शर्तों पर बातचीत नहीं करेगा और अपनी शर्तों पर ही वार्ता की मेज पर आएगा। उन्होंने ट्रंप के बयानों को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि असली बातचीत में दोनों पक्षों को समझौता करना होगा।
International Desk: भारत के पूर्व राजनयिक विद्या भूषण सोनी ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका द्वारा थोपी गई शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा और वह अपनी शर्तों पर ही वार्ता की मेज पर आएगा। सोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप के बयान विरोधाभासी दिखाई देते हैं। उनके मुताबिक, एक तरफ अमेरिका ईरान को बातचीत के लिए बुला रहा है, जबकि दूसरी तरफ धमकी भी दे रहा है कि अगर वह नहीं माना तो उसे तबाह कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका अपनी शर्तें थोप नहीं सकता। ईरान एक गौरवशाली और स्वाभिमानी राष्ट्र है, जिसकी अपनी लंबी सभ्यता, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में वह अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करेगा। सोनी के अनुसार, अभी दोनों पक्ष बातचीत शुरू होने से पहले अपनी-अपनी शुरुआती स्थिति सार्वजनिक रूप से रख रहे हैं। इसे उन्होंने negotiating strategy बताया।
उन्होंने कहा कि असली बातचीत तब शुरू होगी जब दोनों पक्ष एक common denominator यानी ऐसा न्यूनतम बिंदु तय करेंगे, जिसे दोनों स्वीकार कर सकें। पूर्व राजनयिक ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय वार्ता में give and take दोनों तरफ से होता है। केवल एक पक्ष की शर्तों पर समझौता संभव नहीं होता। उनके मुताबिक, अभी अमेरिका और ईरान दोनों अपनी पहली स्थिति सामने रख रहे हैं। इसके बाद दोनों पक्ष आंतरिक स्तर पर विचार-विमर्श करेंगे और तय करेंगे कि वे कहां तक रियायत दे सकते हैं।