Edited By Tanuja,Updated: 23 May, 2026 02:31 PM

अमेरिकी निवेश बैंक Jefferies की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव सिर्फ कुछ सेकेंड में खत्म हो सकता है, अगर वॉशिंगटन ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटा दे और उसकी फ्रीज संपत्तियां वापस कर दे। रिपोर्ट में तेल संकट, होर्मुज तनाव और शेयर...
Washington: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी निवेश बैंक Jefferies ने एक बड़ी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अमेरिका ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा दे और उसकी फ्रीज की गई संपत्तियां वापस कर दे, तो दोनों देशों के बीच सिर्फ “5 सेकेंड” में समझौता हो सकता है।रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप घरेलू राजनीतिक दबाव और आने वाले मध्यावधि चुनावों को देखते हुए युद्ध खत्म करने का रास्ता तलाश सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऐसा कोई समझौता करना आसान नहीं होगा, जिसे ईरान भी स्वीकार करे और ट्रंप भी अपनी जीत बता सकें।
रिपोर्ट में कहा गया कि हाल के दिनों में अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में आई हलचल ने यह संकेत दिया है कि वॉशिंगटन किसी समझौते की तरफ बढ़ सकता है। लेकिन यह रास्ता इजरायल की उस रणनीति से टकराता है, जिसमें वह ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहता है। ईरान (Iran) और अमेरिका (United States) के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और ऊर्जा संकट गहराने लगा है। इससे वैश्विक महंगाई और ब्याज दरों पर भी दबाव बढ़ रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस्तांबुल में चल रही चर्चाओं के दौरान अब किसी को यह उम्मीद नहीं दिख रही कि ईरानी सरकार तुरंत गिर जाएगी। यानी “रेजीम चेंज” का सपना फिलहाल कमजोर पड़ता दिख रहा है। भारतीय बाजारों पर असर को लेकर ICICI Securities ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर-रुपया विनिमय दर की वजह से शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार निफ्टी के लिए 23,200 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 23,800 के ऊपर टिकने पर बाजार में बड़ी तेजी आ सकती है।