Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Mar, 2026 12:27 PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देश की शिक्षा व्यवस्था को अर्थव्यवस्था की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि कृत्रिम मेधा (AI) एवं स्वचालन जैसे विषयों पर ध्यान बढ़ाने की जरूरत है।
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देश की शिक्षा व्यवस्था को अर्थव्यवस्था की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि कृत्रिम मेधा (AI) एवं स्वचालन जैसे विषयों पर ध्यान बढ़ाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, "हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को अर्थव्यवस्था की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की प्रक्रिया को और तेज करना होगा।

हमें एआई, स्वचालन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजाइन-आधारित विनिर्माण जैसे विषयों पर ध्यान बढ़ाना होगा।" उन्होंने कहा कि भारत नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है और ऐसे में शिक्षा, कौशल और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज 'रोकथाम आधारित और समग्र स्वास्थ्य' की परिकल्पना पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया है और सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना और 'आरोग्य मंदिर' के जरिये स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हरेक गांव तक हो गई है। हमारी योग और आयुर्वेद पद्धतियां भी दुनिया भर में लोकप्रिय हो रही हैं।" प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ दिनों से बजट 2026-27 में प्रस्तावित विभिन्न बिंदुओं पर वेबिनार चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं। इसी सिलसिले में यह वेबिनार भी आयोजित किया गया।