Edited By Tanuja,Updated: 09 Mar, 2026 03:23 PM

मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव के बीच दावा किया जा रहा है कि अमेरिका भले ही सार्वजनिक रूप से ब्रिटेन से दूरी दिखा रहा हो, लेकिन पर्दे के पीछे दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां साइप्रस से संयुक्त ऑपरेशन चला रही हैं। इन ऑपरेशनों में इज़रायल को सैन्य और खुफिया...
International Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक नई चर्चा सामने आ रही है कि दुनिया को भले ही यह दिखाया जा रहा हो कि United States को United Kingdom की जरूरत नहीं है, लेकिन पर्दे के पीछे दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। सूत्रों और विश्लेषणों में कहा जा रहा है कि MI6 और Central Intelligence Agency लंबे समय से Cyprus में सक्रिय ऑपरेशन चला रही हैं। पूर्व NSG कमांडो और RAW एजेंट लक्ष्मण सिंह बिष्ट उर्फ लकी बिष्ट ने भी अपने सोशल मीडिया अकाऊंट पर एक पोस्ट शेयर कर मिडिल ईस्ट जंग में खुफिया एजेंसियों के बड़े खेल की तरफ इशारा किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक साइप्रस का भौगोलिक स्थान मिडिल ईस्ट के बेहद करीब होने के कारण उसे सैन्य और खुफिया गतिविधियों के लिए अहम केंद्र माना जाता है। यहां से कई तरह की गतिविधियों को संचालित किए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए Israel को विभिन्न प्रकार की सैन्य और खुफिया सहायता मिल रही है। इसमें ड्रोन, रॉकेट सिस्टम, फाइटर जेट सपोर्ट और इंटेलिजेंस शेयरिंग जैसे पहलू शामिल बताए जा रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह अपने फैसले खुद ले रहा है और उसे ब्रिटेन के सहयोग की आवश्यकता नहीं है।लेकिन कई रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविकता इससे अलग हो सकती है और ब्रिटेन पहले से ही इन ऑपरेशनों में शामिल है।मिडिल ईस्ट के हालात को देखते हुए यह भी कहा जा रहा है कि Iran को साइप्रस से चल रही गतिविधियों की जानकारी हो सकती है। यही कारण है कि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि इन दावों को लेकर आधिकारिक स्तर पर पूरी पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन रणनीतिक विश्लेषणों में इसे क्षेत्रीय शक्ति संघर्ष के बड़े हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।