Share Market: शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 2100 से ज्यादा अंक टूटा, निफ्टी 23,800 के नीचे

Edited By Updated: 09 Mar, 2026 09:28 AM

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हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रही। सोमवार सुबह कारोबार के शुरुआती सत्र में निफ्टी 50 और सेंसेक्स में तेज गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 50 करीब 658 अंक (2.69%) गिरकर 23,792.30 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं सेंसेक्स में भी...

नई दिल्ली, 9 मार्च: मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र में भड़की आग अब केवल सरहदों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी तपिश दुनिया भर के शेयर बाजारों की तिजोरियों तक पहुंच गई है।  हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रही। सोमवार सुबह कारोबार के शुरुआती सत्र में निफ्टी 50 और सेंसेक्स में तेज गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 50 करीब 658 अंक (2.69%) गिरकर 23,792.30 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं सेंसेक्स में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 2,161 अंक (2.74%) टूटकर 76,757.51 के स्तर पर पहुंच गया।

बाजार खुलते ही अधिकांश सेक्टर लाल निशान में दिखाई दिए। IT, Banking और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत और निवेशकों की मुनाफावसूली को इस गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

अमेरिकी बाजार भी नहीं बच पाए इस आग से
जंग की इस आग ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका को भी झुलसा दिया है। बीते सप्ताह के आखिरी दिन अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई। 'डाउ फ्यूचर्स' (Dow Futures) में 1120 अंकों की गिरावट आई, जबकि 'डाउ जोन्स' 453 अंक टूटकर बंद हुआ। इसके अलावा तकनीकी शेयरों वाला 'नैस्डैक' (NASDAQ) और 'S&P 500' भी भारी गिरावट के साथ धराशायी हो गए। अमेरिकी बाजार की यह कमजोरी अब पूरी दुनिया के बाजारों को अपनी चपेट में ले रही है।

वैश्विक बाजारों में हाहाकार: जापान से हांगकांग तक मची तबाही
सप्ताह की शुरुआत होते ही एशियाई बाजारों में जो मंजर दिखा, उसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। सबसे बुरा हाल जापान के शेयर बाजार का है, जहां 'निक्केई' (Nikkei) इंडेक्स 4000 अंक से भी ज्यादा यानी करीब 7.40% तक क्रैश हो गया। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इसने वैश्विक स्तर पर खतरे की घंटी बजा दी है। इसी तरह हांगकांग का 'हेंगसेंग' (HangSeng) भी 800 अंकों से ज्यादा फिसल चुका है, जबकि साउथ कोरिया का 'कोस्पी' (KOSPI) 440 अंकों की भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। विदेशी बाजारों से मिल रहे ये बेहद खराब संकेत भारतीय बाजार के लिए भी किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं।

 

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