Iran की सत्ता संभालते ही मोजतबा खामेनेई का पहला वार, इजरायल पर की मिसाइलों की बौछार

Edited By Updated: 09 Mar, 2026 11:30 AM

iran launches missiles as khamenei s son takes charge

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के पद संभालते ही ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की नई बौछार कर दी। सरकारी मीडिया के अनुसार यह हमला उनके नेतृत्व में पहली सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। इससे मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव और अधिक भड़कने की आशंका...

International Desk: ईरान में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद मध्य पूर्व का युद्ध और भड़कता दिखाई दे रहा है। नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कमान संभालते ही इजरायल के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए मिसाइलों की बौछार करा दी। सरकारी मीडिया के मुताबिक यह हमला उनके नेतृत्व में की गई पहली सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। इस कदम ने पहले से ही तनावपूर्ण मिडिल ईस्ट को फिर से युद्ध की आग में झोंक दिया है और क्षेत्र में बड़े टकराव की आशंकाएं तेज हो गई हैं।ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting के अनुसार मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में इजरायल की ओर मिसाइलों की पहली लहर दागी गई। IRIB ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि “ईरान ने अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में कब्जे वाले इलाकों की तरफ मिसाइलों की पहली लहर दागी है।” इस घटना के बाद मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

 

कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

  • Mojtaba Khamenei का जन्म 8 सितंबर 1969 को ईरान के धार्मिक शहर Mashhad में हुआ था।
  • वह ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे
  • Ali Khamenei के छह बच्चों में से एक हैं।
  • मोजतबा ने कई वर्षों तक पर्दे के पीछे रहते हुए धार्मिक संस्थानों और राजनीतिक ढांचे में धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की।
  • उनकी सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम मौजूदगी और मीडिया से दूरी के कारण लंबे समय तक उनके प्रभाव को लेकर अटकलें लगती रहीं।
  • 56 वर्ष की उम्र में वह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद विशेषज्ञ परिषद द्वारा चुने गए दूसरे सर्वोच्च नेता बन गए हैं।
  • मोजतबा खामेनेई ने पवित्र शहर Qom में इस्लामी धर्मशास्त्र की पढ़ाई की, जो शिया इस्लामी विद्वता का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
  • बाद में उन्होंने वहीं धार्मिक शिक्षा दी और हुज्जत-अल-इस्लाम का धार्मिक पद हासिल किया। यह पद उनके पिता के आयतुल्ला पद से नीचे का स्तर माना जाता है।
  • उनका परिवार सैय्यद वंश से माना जाता है, जिसे पैगंबर मोहम्मद का वंशज माना जाता है। इससे ईरान के धार्मिक वर्ग में उनकी स्वीकार्यता बढ़ी।

 

रिवोल्यूशनरी गार्ड से करीबी संबंध
विश्लेषकों के अनुसार मोजतबा खामेनेई के संबंध ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था  Islamic Revolutionary Guard Corps और देश के रूढ़िवादी सत्ता प्रतिष्ठान से काफी करीबी रहे हैं। इसी कारण माना जाता है कि उनके नेतृत्व में ईरान की सैन्य नीति और क्षेत्रीय रणनीति और अधिक आक्रामक हो सकती है। 
 
 
  

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!