'सत्ता का अहंकार आत्मघाती है': राम मंदिर जांच को लेकर जयराम रमेश ने PM मोदी पर साधा निशाना

Edited By Updated: 04 Oct, 2026 12:38 PM

jairam ramesh targets pm modi over ram mandir probe

कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर न्यास के पूर्व महासचिव चंपत राय जैसे लोगों को राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच में बचाया जा रहा है। कांग्रेस साथ ही इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'चुप्पी' पर निशाना साधते हुए कहा कि 'सत्ता का...

नई दिल्लीः कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर न्यास के पूर्व महासचिव चंपत राय जैसे लोगों को राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच में बचाया जा रहा है। कांग्रेस साथ ही इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'चुप्पी' पर निशाना साधते हुए कहा कि 'सत्ता का अहंकार आत्मघाती होता है।

विपक्षी पार्टी ने यह भी पूछा कि चोरी की गई रकम से संबंधित एक वीडियो चार जून को राय तक पहुंचने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में 21 दिनों की देरी क्यों हुई। कांग्रेस महासचिव, प्रभारी संचार, जयराम रमेश ने पूछा कि क्या जांच का उद्देश्य केवल छोटे-मोटे चोरों को पकड़ना था, या उन लोगों की जवाबदेही तय करना भी था जिनकी निगरानी और संरक्षण में ये घटनाएं हुईं। रमेश ने 'एक्स' पर हिंदी में किये गए एक पोस्ट में कहा, 'चंदा चोरी, आस्था धोखा' भगवान श्रीराम के अयोध्या मंदिर के चढ़ावा चोरों पर मोदी सरकार इतनी मेहरबान क्यों है?

कांग्रेस नेता ने कहा, मोदी जी, विपक्षी नेताओं के खिलाफ तो सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करने में नहीं झिझकती है, लेकिन अयोध्या के राम मंदिर में 105 बार चढ़ावा चोरी की घटनाएं सीसीटीवी में सामने आने के बाद जांच उन लोगों तक क्यों नहीं पहुंची जिन पर व्यवस्था की जिम्मेदारी के बावजूद चढ़ावा चोरों को संरक्षण देने का शक है?

उन्होंने पूछा कि चोरी की 105 घटनाओं के बदले केवल 79.85 लाख की रकम बरामद करके मामला रफा दफा करने का प्रयास क्यों हो रहा है? रमेश ने कहा, चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी क्यों नहीं, गवाह कैसे हैं। आखिर क्यों?'' उन्होंने कहा, ''हमारा सवाल सीधा और साफ है कि जब चार जून को चोरी की रकम का वीडियो चंपत राय तक पहुंच गया था, पांच जून को सीसीटीवी देख लिया गया और 25 जून को प्राथमिकी दर्ज हुई। इन 21 दिनों की देरी का पूरा सच देश के सामने क्यों नहीं रखा गया?

रमेश ने पूछा कि यह सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में घटनाएं बिना उच्च स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या संरक्षण के कैसे संभव है? उन्होंने कहा कि 105 घटनाओं के बावजूद आरोपी सिर्फ आठ कैसे हो सकते हैं? उन्होंने पूछा, क्या जांच का मकसद सिर्फ छोटे चढ़ावा चोरों को पकड़ना था या उन लोगों की भी जवाबदेही तय करना था जिनकी शह और निगरानी में यह सब होता रहा? रमेश ने कहा कि इसीलिए कांग्रेस शुरू से ही उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भरोसेमंद जांच की मांग कर रही है।

उन्होंने कहा कि चढ़ावा राम के नाम पर आया था, ऐसे में 105 घटनाओं के बावजूद अगर यह पता ही नहीं चलता कि कुल कितना चढ़ावा चोरी हुआ, तो जांच को समाप्त करने की इतनी जल्दी क्यों? कांग्रेस नेता ने कहा, देश को जवाब चाहिए: क्या मोदी सरकार चढ़ावा चोरों तक पहुंचना चाहती है, या उन सवालों को यहीं खत्म करना चाहती है जो बड़े जिम्मेदार लोगों तक पहुंच सकते हैं?

रमेश ने कहा, प्रधानमंत्री जी, देशवासियों की आस्था से जुड़े इस मामले पर आप चुप्पी कब तोड़ेंगे? याद रहे, सत्ता का अहंकार आत्मघाती होता है। अब देश जवाब चाहता है कि चढ़ावा चोरी की जवाबदेही कब तय होगी। कांग्रेस ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की एसआईटी द्वारा की जा रही जांच को लेकर कई सवाल उठाए हैं और कहा है कि केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है। विपक्षी दल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि चोरों को उनका संरक्षण प्राप्त है। 


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!