Nestle के दूध पाउडर पर FSSAI सख्त, बिक्री पर लगाई रोक; सेहत को लेकर क्या है चिंता?

Edited By Updated: 03 Oct, 2026 10:13 PM

fssai cracks down on nestle milk powder bans its sale

राष्ट्रीय राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित होटल ललित से लिए गए नेस्ले इंडिया के 'लो-फैट डेयरी व्हाइटनर' के एक नमूने को असुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है।

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित होटल ललित से लिए गए नेस्ले इंडिया के 'लो-फैट डेयरी व्हाइटनर' के एक नमूने को असुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने यह जानकारी दी। हालांकि, नेस्ले इंडिया ने कहा कि उसका 'लो-फैट डेयरी व्हाइटनर' सेवन के लिए सुरक्षित है और सभी लागू नियामकीय आवश्यकताओं का अनुपालन करता है। खाद्य नियामक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नमूना नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित भारत होटल्स लिमिटेड (द ललित) के परिसर से लिया गया था।

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एफएसएसएआई के अनुसार, खाद्य विश्लेषक की प्रयोगशाला की रिपोर्ट में उत्पाद को 'घटिया' और 'असुरक्षित' घोषित किया गया, जो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमों के अनुरूप नहीं होने का संकेत है। खाद्य नियामक के अनुसार, खाद्य विश्लेषक की प्रयोगशाला की रिपोर्ट में उत्पाद को 'मानकों के अनुरूप नहीं' और 'असुरक्षित' घोषित किया गया। यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमों के अनुपालन में कमी का संकेत है। नियामक ने कहा कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट की एक प्रति खाद्य कारोबार संचालक (एफबीओ) को जानकारी और आवश्यक कार्रवाई के लिए दी गई है। गैर-अनुपालन वाले उत्पाद को लेकर भारत होटल्स लिमिटेड को नोटिस भी जारी किया गया है।

एफबीओ को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की संबंधित धारा के तहत निर्धारित अवधि के भीतर खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का अवसर दिया गया है। एफएसएसएआई ने कहा कि खाद्य कारोबार संचालक को असुरक्षित पाए गए संबंधित खाद्य उत्पाद की बिक्री तत्काल रोकने का भी निर्देश दिया गया है।

नेस्ले इंडिया ने बयान में कहा कि उसका 'लो-फैट डेयरी व्हाइटनर' सेवन के लिए सुरक्षित है और सभी लागू नियामकीय आवश्यकताओं का अनुपालन करता है। कंपनी ने कहा कि फॉस्फोरस एक पोषक तत्व है, जो दूध में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है और इसलिए दूध से बने सभी उत्पादों में मौजूद होता है। कंपनी ने कहा कि एफएसएसएआई की प्रयोगशाला रिपोर्ट में दूध आधारित सामग्री से मिलने वाले प्राकृतिक फास्फोरस की महत्वपूर्ण मात्रा को ध्यान में रखे बिना, मिलाए जाने वाले पदार्थ के लिए निर्धारित सीमा की तुलना में कुल फास्फोरस की मात्रा दर्ज की गई है।

कंपनी ने कहा कि वह कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और उसने इसी श्रेणी के अन्य समान या संबंधित दूध आधारित उत्पादों में प्राकृतिक रूप से मौजूद फॉस्फोरस की जानकारी को दर्शाने वाला आंकड़ा भी साझा किया है। एफएसएसएआई ने पिछले महीने कहा था कि उसने नेस्ले इंडिया के कुछ उत्पादों में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कथित कमी को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। उसने 'नैन एक्ससेला प्रो स्टेज-1', 'लैक्टोजन प्रो-1' और एक फॉलो-अप फॉर्मूला के साथ ई-कॉमर्स मंचों पर उपलब्ध प्रचार सामग्री की भी जांच की थी। 

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