Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Oct, 2026 12:29 PM

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) की जुलाई 2026 की घरेलू बिक्री के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आने के बाद कंपनी की बिक्री रिपोर्टिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। कंपनी की वेबसाइट पर जुलाई में भारत में 17,456 वाहनों की घरेलू बिक्री बताई गई, जबकि इसी...
नई दिल्लीः टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) की जुलाई 2026 की घरेलू बिक्री के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आने के बाद कंपनी की बिक्री रिपोर्टिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। कंपनी की वेबसाइट पर जुलाई में भारत में 17,456 वाहनों की घरेलू बिक्री बताई गई, जबकि इसी अवधि के लिए कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति में घरेलू बाजार में 30,516 वाहन बेचने की जानकारी दी गई। दोनों आंकड़ों के बीच करीब 13,060 वाहनों का अंतर है।
क्या कहते हैं फाडा के आंकड़ें?
आंकड़ों में यह अंतर केवल टोयोटा की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के वाहन पंजीकरण आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में देशभर में 29,443 टोयोटा वाहनों का पंजीकरण हुआ। यह संख्या कंपनी की वेबसाइट पर दिए गए 17,456 वाहनों के आंकड़े से काफी अधिक है।
तीन महीनों की बिक्री के बाद जुलाई का आंकड़ा चौंकाने वाला
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में टीकेएम की घरेलू बिक्री 30,105, मई में 30,227 और जून में 28,332 वाहन रही थी। ऐसे में जुलाई में अचानक बिक्री 17,456 वाहन बताई जाना बाजार के लिए चौंकाने वाला है। अगस्त में कंपनी की वेबसाइट पर यह आंकड़ा फिर बढ़कर 23,543 वाहन हो गया।
दूसरी ओर, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की मासिक बिक्री संबंधी जानकारी में जुलाई की घरेलू बिक्री 30,516 वाहन बताई गई। कंपनी ने इस अंतर के बारे में स्पष्ट जवाब देने के बजाय कहा कि उसके आंकड़े ग्राहक-केंद्रित बिक्री प्रणाली और डीलर नेटवर्क की दक्षता को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाते हैं।
उत्पादन के आंकड़ों में भी दिखा अंतर
एक और महत्वपूर्ण अंतर उत्पादन के आंकड़ों में दिखाई देता है। कंपनी ने जुलाई में देश में 36,797 वाहन बनाने की बात कही थी, जबकि सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के अनुसार टोयोटा का उत्पादन करीब 34,851 वाहन रहा।
इस तरह बिक्री और उत्पादन के अलग-अलग स्रोतों से सामने आ रहे आंकड़ों में अंतर ने कंपनी की रिपोर्टिंग प्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाजार विशेषज्ञों के लिए अब यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि इन आंकड़ों में अंतर रिपोर्टिंग अवधि, बिक्री की परिभाषा या डीलर-स्तर के आंकड़ों के कारण है।