25 साल बाद इंसाफ: फर्जी रेड केस में CBI के वरिष्ठ अधिकारी समेत दो दोषी करार

Edited By Updated: 20 Apr, 2026 04:52 PM

justice after 25 years two convicted including a senior cbi officer in a fake

राजधानी की तीस हजारी अदालत ने दो दशक पुराने एक चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली पुलिस के पूर्व अधिकारी को दोषी ठहराया है। मामला वर्ष 2000 में एक वरिष्ठ अधिकारी के घर पर की गई कथित अवैध...

नेशनल डेस्क: राजधानी की तीस हजारी अदालत ने दो दशक पुराने एक चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली पुलिस के पूर्व अधिकारी को दोषी ठहराया है। मामला वर्ष 2000 में एक वरिष्ठ अधिकारी के घर पर की गई कथित अवैध छापेमारी से जुड़ा है।

कोर्ट का सख्त रुख
Tis Hazari Court ने अपने फैसले में Central Bureau of Investigation (CBI) के जॉइंट डायरेक्टर रमनीश और दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी वी.के. पांडे को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना है। यह फैसला न्यायाधीश Shashank Nandan Bhatt ने सुनाया।

क्या था पूरा मामला?
यह केस 1985 बैच के IRS अधिकारी Ashok Kumar Agarwal की शिकायत पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया था कि 19 अक्टूबर 2000 को उनके आवास पर की गई तलाशी और गिरफ्तारी दुर्भावनापूर्ण और गैरकानूनी थी।

 साजिश का खुलासा
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि यह कार्रवाई केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेश को निष्प्रभावी करने के लिए की गई थी। कोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने एक दिन पहले बैठक कर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा और गिरफ्तारी की।

शक्ति के दुरुपयोग पर टिप्पणी
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ एक अवैध कार्रवाई नहीं थी, बल्कि पद के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण भी है। फैसले में इसे एक सुनियोजित साजिश बताया गया, जिसका उद्देश्य एक अधिकारी को परेशान करना था। दोष सिद्ध होने के बाद अब अदालत जल्द ही सजा पर सुनवाई करेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!