Edited By Tanuja,Updated: 20 Apr, 2026 07:08 PM

Nepal सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी कर्मचारियों को हर 15 दिन में सैलरी देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ाना है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए कानूनी बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।
Kathmandu: नेपाल सरकार ने एक बड़ा और अलग फैसला लिया है, जिसके तहत अब सरकारी कर्मचारियों को हर महीने की बजाय हर 15 दिन में सैलरी दी जाएगी। Nepal में यह पहली बार होगा जब सैलरी का भुगतान महीने में दो बार (फोर्टनाइटली) किया जाएगा। यह फैसला 17 अप्रैल को वित्त मंत्रालय स्तर पर लिया गया और इसे लागू करने के लिए संबंधित सरकारी विभागों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यवस्था पूरी तरह से कब से लागू होगी। सरकार का मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार, अगर कर्मचारियों को बार-बार पैसे मिलेंगे तो वे नियमित रूप से खर्च करेंगे, जिससे बाजार में पैसा तेजी से घूमेगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। दुनिया के ज्यादातर देशों में, खासकर दक्षिण एशिया में, सरकारी कर्मचारियों को मासिक सैलरी ही दी जाती है। India, Pakistan, Bangladesh, Bhutan, Sri Lanka और Maldives में अभी भी महीने में एक बार सैलरी देने की परंपरा है। हालांकि, इस नए फैसले को लागू करने में कुछ कानूनी अड़चनें आ सकती हैं। नेपाल के मौजूदा कानून के अनुसार सरकारी कर्मचारियों को हर महीने के अंत में सैलरी देने का प्रावधान है। इसलिए इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए कानून में बदलाव करना पड़ सकता है।
फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रूप से सैलरी हर 15 दिन में देना संभव है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा। सरकार इस पर विचार कर रही है कि अध्यादेश (Ordinance) लाकर इसे जल्दी लागू किया जाए। कुल मिलाकर, नेपाल का यह फैसला आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।