Edited By Radhika,Updated: 11 Jul, 2026 11:14 AM

भुवनेश्वर के सामाजिक और राजनीतिक संगठन 'कलिंग सेना' ने अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) को परंपरा एवं संस्कृति से 'हटकर' भगवान जगन्नाथ की असमय रथयात्रा आयोजित करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने शास्त्रों...
नेशनल डेस्क: भुवनेश्वर के सामाजिक और राजनीतिक संगठन 'कलिंग सेना' ने अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) को परंपरा एवं संस्कृति से 'हटकर' भगवान जगन्नाथ की असमय रथयात्रा आयोजित करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने शास्त्रों के अनुसार दुनिया भर में रथयात्रा आयोजित करने की अपील की थी। इस्कॉन द्वारा इस अपील को कथित तौर पर खारिज किए जाने के विरोध में कलिंग सेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भुवनेश्वर स्थित इस्कॉन मंदिर के सामने प्रदर्शन किया। कलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत रथ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि 16 जुलाई को होने वाली रथयात्रा के दौरान इस्कॉन के श्रद्धालुओं को पुरी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

हेमंत रथ ने पत्रकारों से कहा, "इस्कॉन को ओडिशा में रहने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि इस संगठन ने भगवान जगन्नाथ के पहले सेवक माने जाने वाले गजपति महाराज दिव्यसिंह देव का अपमान किया है। हमारे कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि पुरी और भुवनेश्वर में रथयात्रा के दौरान इस्कॉन का कोई भी व्यक्ति मौजूद न रहे।" जब रथ से पूछा गया कि क्या संगठन कानून को अपने हाथ में ले रहा है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, "अगर उनके मन में हमारी जगन्नाथ संस्कृति के लिए कोई सम्मान नहीं है, तो हम पुरी में उनका सम्मान क्यों करें? पुरी में उनका कोई काम नहीं है। हमारे कार्यकर्ता पूरे ओडिशा में इस्कॉन की सभी गतिविधियों को रोक देंगे।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार की गई अपीलों के बावजूद इस्कॉन रथयात्रा के लिए निर्धारित समय सारणी का पालन करने में लगातार विफल रहा है।