Edited By Radhika,Updated: 30 Jun, 2026 05:25 PM

ओडिशा के पुरी मंदिर में मंगलवार को 'अनासर' अनुष्ठान की शुरुआत हुई, जिसके तहत एक दिन पहले भव्य 'स्नान यात्रा' के बाद "बीमार" पड़े भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा 14 दिन के विश्राम के लिए एकांतवास में चले गए और 12वीं सदी के इस मंदिर को श्रद्धालुओं के...
नेशनल डेस्क: ओडिशा के पुरी मंदिर में मंगलवार को 'अनासर' अनुष्ठान की शुरुआत हुई, जिसके तहत एक दिन पहले भव्य 'स्नान यात्रा' के बाद "बीमार" पड़े भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा 14 दिन के विश्राम के लिए एकांतवास में चले गए और 12वीं सदी के इस मंदिर को श्रद्धालुओं के वास्ते एक पखवाड़े के लिए बंद कर दिया गया। श्री जगन्नाथ मंदिर के कपाट रथ यात्रा से एक दिन पहले खुलेंगे, जो इस साल 16 जुलाई को है। रथ यात्रा से एक दिन पहले नये रंग-रोगन वाली मूर्तियों को गर्भगृह में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाता है।
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108 घड़ों से करवाया गया भगवान को स्नान
मंदिर की परंपरा के मुताबिक, 'स्नान यात्रा' के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को पवित्र जल से भरे 108 घड़ों से स्नान कराया जाता है, जिससे उन्हें "बुखार" आ जाता है। धार्मिक विद्वान पंडित सूर्यनारायण रथ शर्मा ने कहा, "तीनों देवी-देवता एकांतवास में चले जाते हैं और 'राज वैद्य' से इलाज करवाते हैं। चूंकि, यह अनुष्ठान गोपनीय होता है, इसलिए श्रद्धालुओं को देवी-देवताओं के दर्शन की अनुमति नहीं होती है।" शर्मा के अनुसार, इस अवधि में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को उनका नियमित 'महाप्रसाद' नहीं चढ़ाया जाता है और केवल फल, पनीर और आयुर्वेदिक 'लड्डू' ही अर्पित किए जाते हैं। उन्होंने कहा, "14 दिन की 'अनासर' अवधि के दौरान देवी-देवता एकांतवास में रहते हैं और उनके साथ इंसानों जैसा व्यवहार किया जाता है, जिससे वे "बीमारी" से उबर जाते हैं।"
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मंगलवार को मंदिर पहुंचे सैंकड़ों श्रद्धालु
जब पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एकांतवास में होते हैं, तब श्रद्धालुओं को शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर ब्रह्मगिरि के अलारनाथ मंदिर में उनके दर्शन मिलते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को सैकड़ों श्रद्धालु अलारनाथ मंदिर पहुंचे, जहां पुरी जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस महानिरीक्षक (मध्य रेंज) सत्यजीत नाईक ने कहा, "राज्य और बाहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं और पुलिस बल की सात पलटन तैनात की गई हैं। भीड़ पर बारीकी से नजर रखने के लिए रणनीतिक जगहों पर 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।"