'भूखे रह लेंगे, पर आपकी सुरक्षा से समझौता मंजूर नहीं' – PM मोदी को कानपुर के छात्र ने लिखा भावुक पत्र

Edited By Updated: 13 Jun, 2026 05:18 PM

kanpur student writes emotional letter to pm modi

दुनिया में अस्थिरता, ईरान-इज़राइल के बीच चल रहे टकराव और उससे पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों के बीच, कानपुर के एक युवा प्रतियोगी परीक्षा उम्मीदवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखकर उनके नेतृत्व में अटूट भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री की...

नेशनल डेस्क: दुनिया में अस्थिरता, ईरान-इज़राइल के बीच चल रहे टकराव और उससे पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों के बीच, कानपुर के एक युवा प्रतियोगी परीक्षा उम्मीदवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखकर उनके नेतृत्व में अटूट भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पत्र में कहा गया है कि नागरिक किसी भी तरह की मुश्किल झेल सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं कर सकते। कानपुर के रहने वाले आशुतोष यादव ने लिखा कि मौजूदा वैश्विक हालात ने ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और सप्लाई चेन पर काफी असर डाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में, प्रधानमंत्री मोदी का आत्मनिर्भरता, संयम और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने का संदेश करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करता रहता है।


उन्होंने आगे लिखा कि उनका पूरा परिवार राष्ट्रीय हित में कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है। उनके मुताबिक, उन्होंने देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त बोझ न डालने के लिए गैर-ज़रूरी आयातित सामान पर निर्भरता कम करने का संकल्प लिया है। अपने पत्र में आशुतोष ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा इंतज़ामों पर खर्च कम करने के फैसले से जुड़ी खबरों का ज़िक्र किया। ऐसी खबरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने लिखा कि हालांकि प्रधानमंत्री का सादापन और त्याग की भावना सराहनीय और प्रेरणादायक है, फिर भी उनकी सुरक्षा सबसे ज़्यादा प्राथमिकता वाला मामला होना चाहिए। उन्होंने लिखा, "आप सिर्फ़ एक जन-प्रतिनिधि नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए उम्मीद, भरोसे और प्रेरणा के प्रतीक हैं। आप इस देश की एक अमूल्य धरोहर हैं।" पत्र का सबसे भावुक हिस्सा यह था, "अगर ज़रूरत पड़ी, तो हम अभाव झेलेंगे, मुश्किलों का सामना करेंगे और भूखे भी रहेंगे, लेकिन हम भारत के आत्म-सम्मान, पहचान और संप्रभुता को कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचने देंगे।" आशुतोष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि उनकी सुरक्षा से कोई समझौता न हो, और कहा कि देश को अब उनके नेतृत्व की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है।

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कोविड-19 महामारी के दौरान PM मोदी के नेतृत्व की तारीफ़ करते हुए उन्होंने लिखा कि जिस नेतृत्व ने उस मुश्किल समय में देश में उम्मीद और भरोसा जगाया था, वह आज भी लाखों भारतीयों को प्रेरित कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और मज़बूत होकर उभरेगा और 2047 तक "विकसित भारत" बनने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लेगा।
इस पत्र में आशुतोष की दादी इंद्राणी देवी और उनके माता-पिता, श्याम सिंह और सुधा यादव की ओर से भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं और आशीर्वाद भेजा गया। अपने दिवंगत छोटे भाई अभिषेक यादव को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके लिए भी हमेशा प्रेरणा के स्रोत रहे हैं।


यह पत्र प्रधानमंत्री मोदी में एक आम भारतीय परिवार के भरोसे, उनके साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव और एक विकसित व आत्मनिर्भर भारत बनाने के विज़न में उनके विश्वास को दर्शाता है।पर खर्च कम करने के फैसले से जुड़ी खबरों का ज़िक्र किया। ऐसी खबरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने लिखा कि हालांकि प्रधानमंत्री का सादापन और त्याग की भावना सराहनीय और प्रेरणादायक है, फिर भी उनकी सुरक्षा सबसे ज़्यादा प्राथमिकता वाला मामला होना चाहिए। उन्होंने लिखा, "आप सिर्फ़ एक जन-प्रतिनिधि नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए उम्मीद, भरोसे और प्रेरणा के प्रतीक हैं। आप इस देश की एक अमूल्य धरोहर हैं।"

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पत्र का सबसे भावुक हिस्सा यह था, "अगर ज़रूरत पड़ी, तो हम अभाव झेलेंगे, मुश्किलों का सामना करेंगे और भूखे भी रहेंगे, लेकिन हम भारत के आत्म-सम्मान, पहचान और संप्रभुता को कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचने देंगे।" आशुतोष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि उनकी सुरक्षा से कोई समझौता न हो, और कहा कि देश को अब उनके नेतृत्व की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है। कोविड-19 महामारी के दौरान PM मोदी के नेतृत्व की तारीफ़ करते हुए उन्होंने लिखा कि जिस नेतृत्व ने उस मुश्किल समय में देश में उम्मीद और भरोसा जगाया था, वह आज भी लाखों भारतीयों को प्रेरित कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और मज़बूत होकर उभरेगा और 2047 तक "विकसित भारत" बनने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लेगा।


इस पत्र में आशुतोष की दादी इंद्राणी देवी और उनके माता-पिता, श्याम सिंह और सुधा यादव की ओर से भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं और आशीर्वाद भेजा गया। अपने दिवंगत छोटे भाई अभिषेक यादव को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके लिए भी हमेशा प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। यह पत्र प्रधानमंत्री मोदी में एक आम भारतीय परिवार के भरोसे, उनके साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव और एक विकसित व आत्मनिर्भर भारत बनाने के विज़न में उनके विश्वास को दर्शाता है।

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