40 हज़ार रुपये फीस के बाद भी लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की थाली में मिले बड़े-बड़े कीड़े, छात्राओं ने किया हंगामा

Edited By Updated: 01 Oct, 2026 02:54 PM

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लखनऊ यूनिवर्सिटी में तब ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ जब स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि कैलाश गर्ल्स हॉस्टल की मेस में परोसे जाने वाले खाने में बार-बार कीड़े और दूसरी गंदगी मिल रही थी।

नई दिल्ली: लखनऊ यूनिवर्सिटी में तब ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ जब स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि कैलाश गर्ल्स हॉस्टल की मेस में परोसे जाने वाले खाने में बार-बार कीड़े और दूसरी गंदगी मिल रही थी। ताज़ा घटना बुधवार रात की है, जब स्टूडेंट्स को अपनी खाने की प्लेटों में बड़े-बड़े कीड़े मिले। इस घटना से नाराज़ होकर हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने रात करीब 8 बजे यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग को घेर लिया और वाइस-चांसलर और रजिस्ट्रार के ऑफिस के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। हॉस्टल की छात्राओं के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र भी इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए।

विरोध कर रहे स्टूडेंट्स का कहना था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मेस में घटिया खाना परोसा जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार रात मेस का खाना खाने के बाद पांच छात्राएं बीमार पड़ गईं। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन छात्राओं को देर रात विवेकानंद पॉलीक्लिनिक में भर्ती कराया गया।

स्टूडेंट्स के मुताबिक, पिछले 10 दिनों से दूषित खाने की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें खाने में कीड़े, बाल, चूहे की गंदगी और यहां तक ​​कि एक बिच्छू भी मिला है।

स्टूडेंट्स ने यह सवाल भी उठाया कि लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रोफेसर जेपी सैनी के सिर्फ़ आठ दिन पहले किए गए निरीक्षण के बावजूद हालात क्यों नहीं सुधरे। वाइस-चांसलर ने कैलाश हॉस्टल मेस का औचक निरीक्षण किया था। विरोध-प्रदर्शन में शामिल छात्राओं में से एक, इशानी सिंह ने कहा कि वे सालाना 40,000 रुपये मेस फीस देती हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सड़ा हुआ और खराब क्वालिटी का खाना परोसा जा रहा है। एक और छात्रा, रिविभा कुमारी ने कहा कि मेस में ठीक से सफाई नहीं होती और अक्सर कच्चा या अधपका खाना परोसा जाता है।

बढ़ते विरोध और हंगामे के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्रवाई की। लखनऊ यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ़ स्टूडेंट्स वेलफेयर, प्रोफेसर अमिता कन्नौजिया ने इस मामले को बेहद गंभीर और निराशाजनक बताया। उन्होंने मेस ऑपरेटर का टेंडर तुरंत रद्द करने का आदेश दिया। यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स की मेस फीस वापस करने का भी फैसला किया। नया टेंडर जारी होने तक मेस बंद रहेगी। इस दौरान स्टूडेंट्स को बाहर से खाने का इंतज़ाम करना होगा।
 

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