Edited By Rohini Oberoi,Updated: 31 Mar, 2026 09:51 AM

आज मार्च महीने का आखिरी दिन है और कल से नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल 2026) की शुरुआत होने जा रही है। अगर आप टैक्सपेयर हैं तो आज का दिन आपके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। कुछ ऐसे वित्तीय काम हैं जिनकी समय-सीमा आज समाप्त हो रही है। इन्हें अधूरा...
31 March Deadline : आज मार्च महीने का आखिरी दिन है और कल से नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल 2026) की शुरुआत होने जा रही है। अगर आप टैक्सपेयर हैं तो आज का दिन आपके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। कुछ ऐसे वित्तीय काम हैं जिनकी समय-सीमा आज समाप्त हो रही है। इन्हें अधूरा छोड़ने पर आपको न केवल आर्थिक नुकसान होगा बल्कि इनकम टैक्स विभाग का नोटिस भी मिल सकता है।
1. टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट (80C के तहत छूट)
अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में हैं तो धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट पाने के लिए निवेश का आज आखिरी दिन है। PPF, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), ELSS (म्यूचुअल फंड), या NSC जैसी स्कीमों में आज ही पैसा जमा करें। अगर कल निवेश किया तो उसका फायदा इस साल के टैक्स में नहीं मिलेगा।

2. कंपनी को दें निवेश के सबूत (Investment Proof)
अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो अपने ऑफिस के HR या फाइनेंस विभाग को निवेश के दस्तावेज सौंप दें। एलआईसी की रसीद, होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट, पीपीएफ पासबुक और रेंट एग्रीमेंट (HRA के लिए)। अगर आज प्रूफ नहीं दिया तो आपकी मार्च की सैलरी से भारी-भरकम TDS कट सकता है।

3. अपडेटेड ITR फाइल करने का अंतिम मौका
असेसमेंट ईयर 2021-22 (FY 2020-21) के लिए यदि आपने अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है या उसमें सुधार करना है तो धारा 139(8A) के तहत ITR-U भरने की आखिरी तारीख आज ही है। इसके बाद आप इस पुराने साल का रिकॉर्ड अपडेट नहीं कर पाएंगे।
4. एडवांस टैक्स का भुगतान
यदि आपकी कुल टैक्स देनदारी सालभर में 10,000 रुपये से अधिक बनती है तो एडवांस टैक्स जमा करना अनिवार्य है। इसकी डेडलाइन भी आज खत्म हो रही है। पेमेंट न करने या देरी करने पर आपको बकाया राशि पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा।

5. टैक्स रिजीम का चुनाव और AIS वेरिफिकेशन
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रिजीम सेलेक्शन: तय कर लें कि आपके लिए 'न्यू टैक्स रिजीम' बेहतर है या 'ओल्ड'।
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AIS और Form-26AS: अपने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) की जांच कर लें। इसमें आपके बैंक ब्याज, डिविडेंड और बड़े खर्चों का ब्योरा होता है। अगर इसमें कोई गलती है और आपने ध्यान नहीं दिया, तो टैक्स रिफंड अटक सकता है या गलत जानकारी के लिए नोटिस आ सकता है।