नॉर्डिक देशों पर भारत का फोकस तेज, स्वीडन में बड़ी कूटनीतिक जीत के बाद PM मोदी पहुंचे नॉर्वे

Edited By Updated: 18 May, 2026 01:36 PM

pm narendra modi left for norway after concluding his two day visit to sweden

प्रधानमंत्री Narendra Modi स्वीडन दौरे के बाद नॉर्वे रवाना हो गए। स्वीडन के साथ भारत ने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाया। अब मोदी ओस्लो में भारत-नॉर्डिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और नॉर्वे समेत कई नॉर्डिक देशों के नेताओं से अहम बातचीत करेंगे।

International Desk:  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को स्वीडन का दौरा खत्म करने के बाद नॉर्वे के लिए रवाना हो गए। स्वीडन में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया और सहयोग के नए रास्ते तलाशे। यह 43 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्री होगी, और मोदी का इस नॉर्डिक देश का पहला दौरा होगा। स्वीडन की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान, मोदी ने अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टरसन के साथ बातचीत की, जिसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और दूसरे खास क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया। उन्होंने भारत-स्वीडन संबंधों के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की और आपसी रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमत हुए, जो रिश्ते में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

 

After a fruitful visit to Sweden, PM @narendramodi Ji Emplanes for #Oslo, Norway.@jonasgahrstore @IndiainNorway #NarendraModi #PMModi #PrimeMinister #BJP 🪷#NDA #MyGov#IndianArmy #IndianAirForce #IndianNavy#BSF #AtmanirbharBharat #EkBharatShreshthaBharatpic.twitter.com/C2JphdYlKg

— Dr. Musfiqur Rahman Rajib (@DrMusfiqurRajib) May 18, 2026

सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में, मोदी ने कहा कि स्वीडन के उनके दौरे में कई अहम परिणाम सामने आए जो 'भारत-स्वीडन संबंधों में नई गति' लाएंगे। उन्होंने कहा, ''हमारे रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने, संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0 शुरू करने और भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलियारा शुरू करने से लेकर, अगले पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य तय करने तक, बातचीत बहुत फायदेमंद रही।'' रविवार को, मोदी को ''भारत-स्वीडन के संबंधों में उनके असाधारण योगदान और उनके दूरदर्शी नेतृत्व'' के लिए 'रॉयल ​​ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से भी सम्मानित किया गया। बाद में, मोदी ने 'उद्योग के लिए यूरोपीय राउंड टेबल' को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने कहा कि भारत की 'सुधार एक्सप्रेस' पूरी रफ्तार से चल रही है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा, ''पिछले 12 वर्षों में भारत ''सुधार, प्रदर्शन एवं परिवर्तन'' के मूल मंत्र पर काम कर रहा है। सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ यह 'सुधार एक्सप्रेस' पूरी गति से आगे बढ़ रही है।'' उन्होंने देश की युवा आबादी, बढ़ते मध्यम वर्ग और अवसंरचना विकास का भी उल्लेख किया। भारत और स्वीडन के लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार एवं स्थिरता जैसे साझा मूल्यों पर जोर देते हुए मोदी ने स्वीडन की नवाचार एवं स्थिरता की ताकत को भारत की व्यापकता, प्रतिभा और विकास गति के साथ जोड़ने का आह्वान किया। मोदी की स्वीडन की यह यात्रा नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की उनकी यात्रा का हिस्सा थी, जिसका मकसद कई प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना था।

 

अपनी यात्रा के अगले पड़ाव में प्रधानमंत्री नॉर्वे पहुंचेंगे, जहां वह तीसरे भारत-नॉर्डिक सम्मेलन में शामिल होंगे और देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। भारत-नॉर्डिक सम्मेलन मंगलवार को ओस्लो में होगा। इसमें मोदी और नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड तथा स्वीडन के उनके समकक्ष शामिल होंगे। अपने दो दिन के दौरे के दौरान, मोदी किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोनजा से भी मिलेंगे, वहीं प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर-सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा द्विपक्षीय व्यापार में गति बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करेगा, जो 2024 में लगभग 2.73 अरब डॉलर था। 

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