Edited By Tanuja,Updated: 18 May, 2026 12:32 PM

मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब ने इराकी हवाई क्षेत्र से आए तीन ड्रोन मार गिराने का दावा किया, जबकि UAE के बराकाह परमाणु संयंत्र के पास ड्रोन हमले से आग लग गई। इसी बीच लेबनान में इजरायली हमले के बाद विरोध प्रदर्शन भड़क उठे।
International Desk: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने इराकी हवाई क्षेत्र से आए तीन ड्रोन को मार गिराया। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास ड्रोन हमले और आग लगने की पुष्टि की है। इन घटनाओं ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। सऊदी अरब ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया, जबकि कुवैत और कतर ने भी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए रियाद के समर्थन का ऐलान किया।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि “समझौते के लिए घड़ी तेजी से चल रही है।” ट्रंप के इस बयान ने पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और गंभीर बना दिया है। उधर लेबनान के बालबेक इलाके में इजरायली हवाई हमले के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक अपार्टमेंट ब्लॉक पर हुए हमले में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के नेता वाएल अब्देल हलीम और उनकी 17 वर्षीय बेटी की मौत हो गई।
हमले के बाद जलिल शरणार्थी शिविर में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और हिज्बुल्लाह तथा हमास के समर्थन में नारे लगाए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मलबे के बीच राहत और बचाव अभियान जारी दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी, UAE और लेबनान की ताजा घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि पूरा मिडिल ईस्ट एक बड़े क्षेत्रीय टकराव के बेहद करीब पहुंच चुका है।