मोहन भागवत बोले - राष्ट्र की समृद्धि ही व्यक्तिगत प्रगति की कुंजी है

Edited By Updated: 06 Apr, 2026 12:05 PM

mohan bhagwat says prosperity of the nation is the key to individual progress

आरएसएस प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा कि व्यक्तिगत समृद्धि तभी संभव है जब देश समृद्ध और सुरक्षित हो। उन्होंने बालगोकुलम सम्मेलन में युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दी और बताया कि करियर बनाना और देश के लिए काम करना विरोधी नहीं हैं।...

नेशनल डेस्क : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि व्यक्तिगत समृद्धि तभी संभव है, जब देश समृद्ध और सुरक्षित हो। वह यहां आरएसएस से संबद्ध छात्रों के सांस्कृतिक संगठन बालगोकुलम के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। भागवत ने कहा कि समृद्धि और सुरक्षा को अलग-अलग हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ''जब देश समृद्ध और सुरक्षित होता है, तब परिवार भी समृद्ध और सुरक्षित होते हैं। जब व्यक्ति देश की समृद्धि और सुरक्षा के लिए काम करता है, तो वह स्वयं भी समृद्ध बनता है।''

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उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अक्सर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है। युवाओं का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि अक्सर यह भ्रम रहता है कि व्यक्तिगत करियर पर ध्यान दिया जाए या देश के विकास के लिए काम किया जाए। उन्होंने कहा, ''ऐसा कोई भ्रम नहीं होना चाहिए, क्योंकि करियर बनाना और देश के लिए काम करना एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। सही रास्ता चुनना ही सबसे महत्वपूर्ण है।'' उद्घाटन के दौरान भागवत ने भगवान कृष्ण को पुष्प अर्पित किए। उन्होंने बालगोकुलम कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों से भी बातचीत की। 

 

 

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