Edited By Rohini Oberoi,Updated: 21 Aug, 2026 08:03 AM

जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध के 21 में से 13 गेट बीते दिन दोपहर खोल दिए गए। ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया। राज्य के जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे 13 गेट खोले गए और...
जबलपुर : जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध के 21 में से 13 गेट बीते दिन दोपहर खोल दिए गए। ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया। राज्य के जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे 13 गेट खोले गए और करीब 4,000 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा गया।
एक घन मीटर प्रति सेकंड (क्यूमेक) में 1,000 लीटर पानी का प्रवाह होता है। अधिकारी ने बताया कि बांध में पानी का स्तर बढ़ने से संभावित बाढ़ की स्थिति को रोकने और जलाशय की सुरक्षा के लिए पानी छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि मंडला, डिंडोरी और अमरकंटक में हुई भारी बारिश के बाद बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
गेट खोलने से पहले अधिकारियों ने जबलपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों में सायरन बजाकर चेतावनी जारी की और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया। अधिकारियों के अनुसार पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के विभिन्न घाटों पर जलस्तर आठ से 10 फुट तक बढ़ गया।
इसके कारण भेड़ाघाट पर्यटन क्षेत्र में संगमरमर की चट्टानें और जलप्रपात पानी में डूब गए। जबलपुर के ग्वारीघाट में नदी किनारे स्थित कई दुकानें और छोटे मंदिर भी जलमग्न हो गए। बरगी बांध, नर्मदा के उद्गम स्थल अनूपपुर जिले के बाद नदी पर बना पहला प्रमुख बांध है।