Edited By Rohini Oberoi,Updated: 21 Aug, 2026 09:43 AM

हैदराबाद के माधापुर इलाके में इनऑर्बिट मॉल के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय महिला भारती मुखी की जान चली गई। महिला की मौत के मामले में राज्यसभा सदस्य लिंगमनेनी रमेश के 21 साल के बेटे लिंगमनेनी संजूश पर आरोप लगाया गया है। आरोप है कि वह...
हैदराबाद : हैदराबाद के माधापुर इलाके में इनऑर्बिट मॉल के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय महिला भारती मुखी की जान चली गई। महिला की मौत के मामले में राज्यसभा सदस्य लिंगमनेनी रमेश के 21 साल के बेटे लिंगमनेनी संजूश पर आरोप लगाया गया है। आरोप है कि वह कार बहुत तेज़ रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था।
मृतक भारती मुखी जो इनऑर्बिट मॉल के लाइफस्टाइल कपड़ों के स्टोर में काम करती थीं 16 अगस्त को माधापुर इलाके में अपने काम की जगह के पास सड़क पार करते समय कार की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई। साइबराबाद पुलिस ने कार चलाने वाले व्यक्ति की पहचान 21 साल के संजूश के रूप में हुई है। उनके पिता एक बिजनेसमैन हैं और आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण की जन सेना पार्टी से जुड़े हैं। संजूश को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
इस मौके पर माधापुर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) सीएच श्रीधर ने बताया कि आरोपी को नोटिस भेजा गया है। अधिकारी ने कहा कि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है क्योंकि यह जमानत वाला अपराध है और इसमें अधिकतम सज़ा सात साल से कम है।
वहीं FIR के मुताबिक भारती और उनकी साथी पूजा अशोक अलोने (26) रविवार को दोपहर करीब 3 बजे लंच के लिए पास के ITC कोहिनूर इलाके में गई थीं। जब वे अपनी काम की जगह लौट रही थीं तो मॉल के सामने सड़क पार करते समय भारती को एस्टन मार्टिन कार (TG-09-G-0666) ने टक्कर मार दी।
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इस टक्कर से भारती के सिर में गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें उसी कार से जुबली हिल्स के अपोलो अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद उनकी दोस्त पूजा ने स्टोर मैनेजर अश्विन कुमार को जानकारी दी जिन्होंने पुलिस को फोन किया। FIR में कहा गया है कि जब कार ने भारती को टक्कर मारी तो वह तेज़ रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही थी।
फिलहाल यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत दर्ज किया गया है। यह धारा लापरवाही या जल्दबाज़ी में किए गए ऐसे काम से मौत होने से संबंधित है जो गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आता है।