मानसून की बेरुखी से 'प्यासी' हुई मुंबई : झीलों में बचा केवल 10.35% पानी, BMC ने कसी कमर, कार धोने और बागवानी पर लगी रोक

Edited By Updated: 16 Jun, 2026 10:06 PM

mumbai thirsty due to lack of monsoon

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भीषण जल संकट ने दस्तक दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में आम जनता से लेकर बड़े उद्योगों तक की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। मानसून में देरी के कारण मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक गिर गया है।

नेशनल डेस्कः देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भीषण जल संकट ने दस्तक दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में आम जनता से लेकर बड़े उद्योगों तक की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। मानसून में देरी के कारण मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक गिर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मंगलवार को एक कड़ा आदेश जारी करते हुए पानी की सप्लाई में भारी कटौती और कड़े प्रतिबंधों का एलान कर दिया है।

झीलों में बचा 'नाममात्र' का पानी
BMC के आंकड़ों के अनुसार, 16 जून तक मुंबई को पानी पिलाने वाली सात प्रमुख झीलों (अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मिडिल वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी) में कुल जल भंडार घटकर मात्र 10.35 प्रतिशत रह गया है। यह स्तर इतना कम है कि प्रशासन को आपातकालीन कदम उठाने पड़े हैं।

BMC का 'हंटर': क्या-क्या रहेगा बंद?
प्रशासन ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं:

  • कार धोने और बागवानी पर रोक: पीने के पानी से गाड़ियां धोना, सड़कों की सफाई करना या बागवानी करना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • स्विमिंग पूल हुए सूखे: शहर के सभी स्विमिंग पूल्स के पानी का कनेक्शन अस्थायी रूप से काट दिया गया है।
  • निर्माण कार्य पर ब्रेक: फिलहाल निर्माण कार्यों के लिए कोई नया पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा और पुराने अस्थायी कनेक्शनों को भी तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
  • बोतलबंद पानी के प्लांट पर नजर: पीने के पानी की बोतलबंद फैक्ट्रियों को सप्लाई धीमी कर दी गई है, ताकि वे केवल अपने कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा कर सकें।

उद्योगों और रेलवे को बड़ा झटका
BMC ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल संस्थानों के लिए 20 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की है। इसके अलावा, वेस्टर्न रेलवे, सेंट्रल रेलवे, नेवी, HPCL, BPCL और MIDC जैसे भारी संस्थानों को अब अनिवार्य रूप से रिसाइकिल या ट्रीटेड पानी (sewage water) का इस्तेमाल करना होगा।

बर्बादी करने वालों पर गिरेगी बिजली
नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति पीने के पानी का दुरुपयोग या बर्बादी करता हुआ पाया जाएगा, उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। शहर में पहले से ही 10 प्रतिशत पानी की कटौती जारी है, जिसे स्टॉक खत्म होने से बचाने के लिए आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे गाड़ी धोने या शौचालय जैसे कार्यों के लिए बोरवेल या टैंकरों के पानी का अधिकतम उपयोग करें।

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