Edited By Rahul Rana,Updated: 03 Aug, 2026 08:40 PM

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय राजधानी के हर वार्ड में आवारा कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी के लिए कैंप लगाएं।
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय राजधानी के हर वार्ड में आवारा कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी के लिए कैंप लगाएं। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की बेंच ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन से जुड़े एक जनहित याचिका मामले में यह आदेश दिया।
पायलट प्रोजेक्ट के लिए कोर्ट के निर्देश
कोर्ट ने कहा, “MCD और NDMC अपने-अपने इलाकों में हर वार्ड में आवारा कुत्तों के लिए एक कैंप लगाएंगे। इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया जाएगा। कैंप के बारे में इलाकों में पहले से प्रचार किया जाएगा। बड़े पैमाने पर प्रचार करते हुए पोस्टर या बैनर लगाए जाएंगे जिनमें यह बताया जाए कि आवारा कुत्तों को पकड़ा नहीं जा रहा है और न ही उन्हें डॉग पाउंड भेजा जा रहा है, बल्कि उन्हें सिर्फ वैक्सीनेशन और नसबंदी के मकसद से कैंप में लाया जा रहा है।”
कोर्ट ने MCD को सुझाव दिया कि वे उन इलाकों से शुरुआत करें जहां लोगों का आना-जाना ज्यादा होता है। छोटे इलाकों या कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के पास के वार्ड चुनने की सलाह दी गई, जहां ज्यादा ऑफिस हैं। इन वार्डों में सभी कुत्तों की नसबंदी की जाए।
जजों की टिप्पणी
बेंच में शामिल एक जज ने बताया कि उनकी मां को दो बार कुत्तों ने काटा था। जस्टिस मेहता ने कहा, “हम कुत्ते के काटने की समस्या पर ध्यान दे रहे हैं। हां, वे सभी के लिए खतरा हैं। मेरी मां को भी कुत्तों ने दो बार काटा है। यह एक कड़वी सच्चाई है।” कोर्ट ने कहा कि वह नहीं चाहता कि कहीं भी कुत्ते के काटने की घटनाएं हों, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए कुत्तों की कुछ आबादी बची रहे। बेंच ने स्पष्ट किया, “हम नहीं चाहते कि कोई भी कुत्ता मरे, और सरकार भी नहीं चाहती... यह कोई टकराव वाला मामला नहीं है। जब कुत्ते खत्म हो जाएंगे तो मुझे दुख होगा। मैं अब भी कहता हूं कि 5 प्रतिशत आबादी बची रहनी चाहिए ताकि अगली पीढ़ी कुत्तों को देख सके।