Edited By Mansa Devi,Updated: 16 Feb, 2026 12:29 PM

दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने जा रही है। 22 फरवरी को प्रधानमंत्री Narendra Modi दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक बनने वाले 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के शेष हिस्से का उद्घाटन करेंगे।
नेशनल डेस्क: दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने जा रही है। 22 फरवरी को प्रधानमंत्री Narendra Modi दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक बनने वाले 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के शेष हिस्से का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा सिर्फ एक घंटे में पूरी की जा सकेगी।
मेरठ मेट्रो को भी हरी झंडी
परियोजना के तहत दिल्ली में सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक 5 किलोमीटर और मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इसी दिन मेरठ मेट्रो को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। 23 किलोमीटर लंबे मेरठ मेट्रो के पहले चरण में 13 स्टेशन बनाए गए हैं, जिससे शहर के भीतर आवाजाही और सुगम होगी।
नमो भारत कॉरिडोर: RRTS का अहम हिस्सा
82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में प्रमुख स्टेशन शामिल हैं: सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद, गुलधर, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ। National Capital Region Transport Corporation (एनसीआरटीसी) के अनुसार फिलहाल 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू है और 11 स्टेशनों के बीच ट्रेन सेवा दी जा रही है। पूरा कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ के साथ-साथ फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
रियल एस्टेट पर पड़ा सकारात्मक असर
तेज रफ्तार परिवहन सुविधा का असर रियल एस्टेट पर भी देखने को मिल रहा है। एनसीआरटीसी के मुताबिक मेरठ, गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर में स्टेशन के आसपास जमीन की कीमतों में पिछले दो वर्षों में 30 से 67 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। मेरठ में जमीन का रेट पहले 8,000-12,000 रुपये प्रति वर्ग गज था, जो अब 12,000-20,000 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गया है। बढ़ती मांग को देखते हुए बिल्डरों ने नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी शुरू कर दी है।
यात्रा समय और आर्थिक विकास में बढ़ोतरी
नमो भारत कॉरिडोर के पूर्ण संचालन से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय घटेगा और आसपास के शहरों के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।