महाराष्ट्र: अशोक खरात प्रकरण में सनसनीखेज आरोप! जितेंद्र आव्हाड बोले – खरात को जिंदा रखो, नहीं तो एपस्टीन जैसा राज छिप जाएगा!

Edited By Updated: 25 Mar, 2026 06:50 PM

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मुंबई में महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र उस समय गरमा गया जब नाशिक के चर्चित ‘कैप्टन’ अशोक खरात प्रकरण को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ विधायक Jitendra Awhad ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कई...

नेशनल डेस्क: मुंबई में महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र उस समय गरमा गया जब नाशिक के चर्चित ‘कैप्टन’ अशोक खरात प्रकरण को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ विधायक Jitendra Awhad ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कई चौंकाने वाले आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति से जुड़े बड़े खुलासों का केंद्र बन सकता है।

“खरात को जिंदा रखना जरूरी”, 24 घंटे निगरानी की मांग

विधानसभा में बोलते हुए आव्हाड ने मांग रखी कि अशोक खरात को हर हाल में सुरक्षित रखा जाए और उस पर लगातार CCTV निगरानी हो। उनका कहना था कि खरात के पास पिछले दो दशकों की राजनीति से जुड़े ऐसे संवेदनशील राज हैं, जो सामने आए तो कई बड़े नाम उजागर हो सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे Jeffrey Epstein की मौत के बाद कई सवाल अनसुलझे रह गए, वैसी स्थिति यहां नहीं होनी चाहिए।

38 विधायकों से संपर्क का दावा, अघोरी अनुष्ठानों का आरोप

आव्हाड ने दावा किया कि महाराष्ट्र के करीब 38 विधायक कथित तौर पर अशोक खरात के संपर्क में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग उससे अघोरी अनुष्ठान करवाते थे और इस दौरान कथित रूप से उंगलियां काटने जैसी गतिविधियां भी होती थीं। आव्हाड ने कहा कि उनके पास इन विधायकों की सूची मौजूद है, जिसे समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा।

2007 के पत्रकार हत्याकांड से भी जोड़ा गया मामला

सदन में चर्चा के दौरान आव्हाड ने 2007 के नाशिक के पत्रकार बालू तुपे हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी इस मामले को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जानकारी उपलब्ध थी, तो जांच एजेंसियां सक्रिय क्यों नहीं हुईं।

 पुलिस और नेताओं की भूमिका पर भी उठे सवाल

आव्हाड ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है, खासकर पैसों के लेन-देन को लेकर। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की पूरी जानकारी संभवतः मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis को हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि इस केस के जरिए कुछ लोग राजनीतिक साजिश रचकर सत्ता को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे।

 नाना पटोले का बयान, और बढ़ा सियासी तूफान

इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता Nana Patole ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आशंका जताई कि जिस तरह अन्य मामलों में एनकाउंटर की घटनाएं हुई हैं, उसी तरह इस केस में भी अशोक खरात के साथ ऐसा किया जा सकता है। पटोले ने आरोप लगाया कि पहले उससे जानकारी हासिल की जाएगी और फिर उसका इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है।

SIT जांच पर टिकी सबकी नजर

पूरे मामले को लेकर विपक्ष लगातार उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। फिलहाल इस केस की जांच SIT कर रही है, लेकिन सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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