NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: छात्र संगठनों का थम नहीं रहा गुस्सा, NTA पर प्रतिबंध लगाने की मांग ...

Edited By Updated: 16 May, 2026 01:50 PM

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राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में छात्रों और संगठनों ने कथित प्रश्नपत्र लीक के कारण राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन जारी है। छात्र संगठन 'एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स'...

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में छात्रों और संगठनों ने कथित प्रश्नपत्र लीक के कारण राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन जारी है। छात्र संगठन 'एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स' (एएसएपी) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के सदस्यों ने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के बाहर विरोध कर  रहे प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि NTA पर प्रतिबंध लगाया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि सरकार ने दोबारा  (Re-Exam) 21 जून 2026 (रविवार) परीक्षा करने का ऐलान कर दिया है।

मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार 
आप को बता दें कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से लातूर का रहने वाला है। सीबीआई के अनुसार, केमिस्ट्री लेक्चरर ही पूरे अभियान का मास्टरमाइंड है। कुलकर्णी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था और उसकी प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी। अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते के दौरान उसने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया था।

चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास आयोजित की
मनीषा को सीबीआई ने एक दिन पहले 14 मई को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कुलकर्णी ने पुणे में अपने आवास पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास आयोजित कीं, जहां उसने विकल्पों और सही उत्तरों के साथ प्रश्न लिखवाये। छात्रों के नोटबुक में हाथ से लिखे गये प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से बिल्कुल मेल खाते पाये गये। सीबीआई ने देश भर में कई स्थानों पर तलाशी भी ली है और आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल फोन जब्त किये हैं। जब्त की गयी वस्तुओं का विस्तृत फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण वर्तमान में जारी है।

सीबीआई ने पेपर लीक के संबंध में12 मई को केस दर्ज की 
सीबीआई ने पेपर लीक के संबंध में शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत पर 12 मई को मामला दर्ज किया था। इसके बाद विशेष टीमें गठित कर कई स्थानों पर छापेमारी की गयी और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी। अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है और विस्तृत पूछताछ के लिए उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी 7 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर 
गिरफ्तार किये गये दो आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे की अदालत में पेश किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें दिल्ली स्थानांतरित किया जायेगा। जांच में अब तक केमिस्ट्री पेपर लीक के कथित स्रोत और उन बिचौलियों की संलिप्तता का पता चला है, जिन्होंने विशेष कोचिंग सत्रों के लिए लाखों रुपये इकट्ठा करने के बाद छात्रों को जुटाया था। इन सत्रों में लीक प्रश्न बैंक लिखवाये गये और उन पर चर्चा की गयी थी। 

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