देश में अब तक इबोला का कोई मामला नहीं, प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाई गई, JP नड्डा का बड़ा दावा

Edited By Updated: 31 Jul, 2026 08:05 PM

no ebola cases in the country so far surveillance stepped up at entry points

सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को सूचित किया कि 23 मई से अब तक इबोला प्रभावित देशों से भारत आने वाले 10,974 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की इस बीमारी के लिए जांच की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि देश में...

नेशनल डेस्क : सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को सूचित किया कि 23 मई से अब तक इबोला प्रभावित देशों से भारत आने वाले 10,974 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की इस बीमारी के लिए जांच की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि देश में अबतक इबोला बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा बुंदीबुग्यो इबोला के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है।

नड्डा ने कहा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी), युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की 23 मई से 28 जुलाई के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्रियों द्वारा जमा किए गए स्व-घोषणा प्रपत्रों और 'एयर सुविधा 2.0' पोर्टल के माध्यम से जांच की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने इबोला प्रभावित देशों से यात्रियों के प्रवेश पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रवेश बिंदुओं पर आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की पिछले 21 दिनों के दौरान प्रभावित देशों की यात्रा के इतिहास की जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा बुंदीबुग्यो इबोला के प्रकोप को पीएचईआईसी घोषित करने और अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) द्वारा महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईसीएस) घोषित किए जाने के बाद उपायों को मजबूत किया गया।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस), नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग और अन्य हितधारकों के समन्वय से तैयारी और निगरानी उपाय किए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और प्रवेश के अन्य बिंदुओं पर व्यापक स्क्रीनिंग और निगरानी की व्यवस्था की गई है, जबकि निगरानी, ​​​​स्क्रीनिंग, पृथकवास, क्लीनिकल ​​​​प्रबंधन, प्रयोगशाला परीक्षण, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण और मामले की रिपोर्टिंग को कवर करने वाले परामर्श और मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को जारी की गई हैं।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!