Edited By Pardeep,Updated: 22 Jul, 2026 10:32 PM

भारतीय जनता पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली में विशेष संवाददाता सम्मेलन से बात करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए और इससे कोई राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
नेशनल डेस्कः भारतीय जनता पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली में विशेष संवाददाता सम्मेलन से बात करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए और इससे कोई राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। पेपर लीक के मुद्दों पर राहुल गांधी के बयानों का जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि सरकार उन सभी की जांच करेगी और जवाब देगी।
जेपी नड्डा ने कहा कि आज राहुल गांधी ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से 150 से अधिक पेपर लीक का मुद्दा उठाया है। उन सभी की जांच होगी और सरकार जवाब देगी। लेकिन मैं देश के सामने कुछ तथ्य रखना चाहता हूं -
- जम्मू-कश्मीर में सर्विस सिलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में पेपर लीक
- हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्कूल एजुकेशन बोर्ड में पेपर लीक
- झारखंड में JAC की हिंदी और विज्ञान के पेपर लीक
- तेलंगाना में इंटरमीडिएट के भाषा के पेपर लीक, और SSC में भी भाषा का पेपर लीक
- तमिलनाडु में तमिलनाडु टीचर्स एजुकेशन बोर्ड (B.Ed. कोर्स) का पेपर लीक
- पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती का पेपर लीक
- पंजाब में पंजाब सर्विस सिलेक्शन बोर्ड की ग्रुप परीक्षाओं में पेपर लीक और मालप्रैक्टिस
- केरल में राज्य PSC की परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताएं, कर्नाटक में भी पेपर लीक
- इन सभी राज्यों में कांग्रेस और इंडी अलायंस की सरकारें हैं या रही हैं।
- राहुल गांधी जी को यह बताना चाहिए कि वे इतने सेलेक्टिव) क्यों हैं? उन्होंने अपनी और इंडी अलायंस की सरकारों के बारे में चर्चा क्यों नहीं की?
- इससे स्पष्ट होता है कि इनका उद्देश्य न तो छात्रों का हित है, न शिक्षा की गुणवत्ता और न ही विद्यार्थियों को न्याय दिलाना। ये छात्रों की माँगों की आड़ में केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं।
- मेरे पास एक लंबी सूची है, जिसमें इंडी अलायंस शासित राज्यों के पेपर लीक शामिल हैं। लेकिन हम आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर संसद में इस विषय पर गहन चर्चा के लिए तैयार हैं।
- चर्चा इस बात पर हो कि पेपर लीक क्यों होते हैं, इसमें कौन-कौन शामिल हैं, केंद्र सरकार ने जानकारी मिलते ही किस तत्परता से कार्रवाई की और बाकी राज्य सरकारों को भी इस पर उसी गंभीरता से जवाब देना चाहिए, ताकि छात्रों के साथ अन्याय न हो।
- संसद में चर्चा की अवधि विपक्ष तय करे- कितने घंटे चर्चा करनी है, हम हर स्थिति में चर्चा के लिए तैयार हैं।
- आवश्यकता इस बात की है कि हम स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में यह जिम्मेदार सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है।
- CJP के प्रतिनिधियों के साथ हुई वार्ता अत्यंत सौहार्दपूर्ण रही। मैंने उनसे कहा कि आप अपनी मांगें लिखकर दीजिए - उन्होंने लिखकर दिया और मैंने भी लिखित में उसका उत्तर दिया।
- सोनम वांगचुक जी से हमने आग्रह किया कि आप अनशन तोड़िए और छात्रों के हित में हम सब मिल-बैठकर काम करें। उन्होंने भी इस संबंध में पत्र लिखा है।