Edited By Parveen Kumar,Updated: 24 Jul, 2026 07:26 PM

उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत लोगों को हिरासत में लेने की जिम्मेदारी 18 अक्टूबर तक बढ़ा दी हैं। यह अधिकार 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह फैसला जंतर-मंतर पर चल...
नेशनल डेस्क : उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत लोगों को हिरासत में लेने की जिम्मेदारी 18 अक्टूबर तक बढ़ा दी हैं। यह अधिकार 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह फैसला जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को देखते हुए लिया गया है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है जो हर तीन महीने में होती है। मौजूदा आदेश भी 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया था, यानी CJP का आंदोलन तेज होने से पहले। इसका मौजूदा विरोध-प्रदर्शनों से कोई सीधा संबंध नहीं है।
NSA क्या है?
नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA), 1980 के तहत, अगर किसी व्यक्ति को देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था या सार्वजनिक शांति के लिए खतरा माना जाता है, तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है। दिल्ली के उपराज्यपाल समय-समय पर सीमित अवधि के लिए पुलिस कमिश्नर को ये शक्तियां देते हैं।