नहीं रहे मशहूर रम ब्रांड OLD MONK के जन्म दाता, पद्मश्री व विशिष्ट सेवा मेडल से थे सम्मानित

Edited By Updated: 09 Jan, 2018 07:30 PM

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मशहूर रम ब्रांड ओल्ड मॉन्क के जन्म दाता और 2010 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कपिल मोहन का निधन हो गया है। वो काफी समय से बीमार चल रहे थे। 88 साल के कपिल मोहन ''मोहन मिकिन लिमिटिड'' के चेयरमैन थे। कपिल मोहन की मौत का कारण हार्ट अटैक से होना...

नेशनल डेस्क: मशहूर रम ब्रांड ओल्ड मॉन्क के जन्म दाता और 2010 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कपिल मोहन का निधन हो गया है। वो काफी समय से बीमार चल रहे थे। 88 साल के कपिल मोहन 'मोहन मिकिन लिमिटिड' के चेयरमैन थे। कपिल मोहन की मौत का कारण हार्ट अटैक से होना बताया जा रहा है। उनकी कंपनी रम के अलावा और भी कई ड्रिंक्स बनाती है। कपिल मोहन आर्मी से ब्रिगेडियर पद से सेवामुक्त हुए थे। उन्हें आर्मी में विशिष्ट सेवा मेडल भी मिला था।

1954 में हुई ओल्ड मॉन्क लॉन्च
कपिल मोहने ने ओल्ड मॉन्क रम को 1954 में लॉन्च किया था। ये रम भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में लोकप्रिय हुई थी। ओल्ड मॉंक के नाम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली रम का रिकार्ड भी है। यळ ब्रांड इसलिए भी पॉपुलर हुआ क्योंकि इसके दाम बहुत कम थे और स्वाद में भी लोगों को खूब पसंद आईं उनकी कंपनी ने बाकी जगह में भी हाथ आजमाने की कोशिश कीं उन्होंने ग्लास फैक्ट्री, फल-जूस प्रोडक्ट्स, नाश्ते का खाना, कोल्ड स्टोरेज में हाथ आजमायां लेकिन ओल्ड मॉन्क जितनी पॉपुलेरिटी शायद ही किसी दूसरे ब्रांड को मिली।
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उड़ी थी बंद होने की अफवाह
साल 2015 में सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ी थी कि जल्द ही ओल्ड मॉन्क की बिक्री बंद होने जा रही है। जिसके बाद ये खबर ट्विटर पर ट्रेंड करने लगी और लोगों ने इस पर खूब ट्वीट किया था। उसके बाद कपिल मोहन ने इस बात को अफवाह बताते हुए कहा था कि ओल्ड मॉन्क बंद नहीं होगी। जिसके बाद ओल्ड मॉन्क की खूब ​बिक्री हुई थी।

संभाली पिता की वसीयत
दरअसल कपिल मोहन के लिए शराब का कारोबार नई चीज नहीं थी। इनके पिता एमएन मोहन भी शराब कारोबारी ही थे। उनके सफर की शुरुआत 1885 में हुई जब अंग्रेज अधिकारी जनरल डायर के पिता ने हिमाचल के चमौली में शराब कंपनी खोली। आजादी के बाद यह कंपनी कपिल मोहन के पिता एएन मोहन ने खरीदी और यहा से शुरू हुआ मोहन मैनिक लिमिटेड का सफर।

बिजनेस छोड़ चुनी सेना, मिला विशिष्ट सेवा मेडल
पिता के इतर कपिल मोहन ने जवान होते ही भारतीय सेना जॉइन कर ली और देश की सेवा करते रहे। इसके लिए उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल भी मिला और वो ब्रिगेडियर रहते सेना से रिटायर हुए। कपिल मोहन पीएचडी होल्डर थे।

भाई की मौत के बाद संभाली कमान
रिटायरमेंट के बाद कपिल मोहन के बड़े भाई वीआर मोहन का निधन हो गया है इसके चलते कपिल मोहन को कंपनी की बागडोर संभालनी पड़ी। वैसे ओल्ड मंक 1960 में ही लॉन्च हो चुकी थी लेकिन 1973 में जब कपिल मोहन ने कंपनी संभाली तो इसे नई पहचान मिली। कपिल मोहन के नेतृत्व में इस ब्रांड ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया में तहलका मचाया और सन 2000 तक देश और दुनिया का सबसे मशहूर ब्लैक रम ब्रांड बना रहा।

आए उतार चढ़ाव
सन 2000 ओल्ड मंक दुनियाभर में सबसे ज्यादा बिकने वाली डार्क रम रही लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कपिल मोहन को कुछ झटके भी लगे। इस साल कंपनी और परिवार को तब तगड़ा झटका लगा जब वीआर मोहन के बेटे और कपिल मोहन के भतीजे ने परिवार से अलग होते हुए कंपनी की लखनऊ स्थित फेसिलिटी पॉन्टी चड्ढा को बेच दी। इसके बाद ओल्ड मंक की सेल में गिरावट दर्ज होने लगी लेकिन फिर भी यह लोगों का पसंदीदा ब्रांड बनी रही। एक वक्त था जब इसकी हर रोज करीब 80 लाख बोतलें बिकती थी लेकिन धीरे-धीरे यह कम होने लगी। एक वक्त ऐसा भी आया जब यह अफवाह उड़ी की यह ब्रांड अब बाजार में नहीं आएगा। इसके बाद कपिल मोहन ने साफ किया यह ब्रांड उनके बीच बना रहेगा।

दुनिया के कई देशों में आज भी बिकती है यह रम
कपिल मोहन ने 2012 में अपने इस ब्रांड का प्रचार करना बंद कर दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैं इसका विज्ञापन नहीं करूंगा, मैं चाहता हूं लोग इसे पिएं और बताएं यह कैसी है, यह इसका विज्ञापन होगा। आज ओल्ड मोंक रम की मांग भारत में नहीं बल्कि विदेशों में भी है। ओल्ड मोंक रम इस समय दुनिया के 50 से भी ज्यादा देशों में बिकती है। 
 

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