Tribal Products को मिला ‘RISA’ ब्रांड, मॉडर्न टच से बदलेगी कारीगरों की किस्मत

Edited By Updated: 18 Mar, 2026 10:43 PM

risa timeless tribal

भारत की आदिवासी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। Ministry of Tribal Affairs ने “RISA: Timeless Tribal” नाम से एक प्रीमियम सिग्नेचर ब्रांड लॉन्च किया है

नेशनल डेस्क: भारत की आदिवासी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। Ministry of Tribal Affairs ने “RISA: Timeless Tribal” नाम से एक प्रीमियम सिग्नेचर ब्रांड लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य पारंपरिक कला को संरक्षित करना और कारीगरों की आय बढ़ाना है।

 दिल्ली में हुआ भव्य लॉन्च

इस खास ब्रांड का शुभारंभ Jual Oram ने Sunder Nursery में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। इस मौके पर Savitribai Thakur, Ranjana Chopra, Anant Prakash Pandey, M. Rajamurugan और मशहूर डिजाइनर Manish Tripathi भी मौजूद रहे।

 क्या है RISA ब्रांड का मकसद?

RISA ब्रांड का मुख्य उद्देश्य है:

  • आदिवासी बुनाई, कढ़ाई और हस्तशिल्प को संरक्षित करना
  • कारीगरों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना
  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बढ़ाना
  • रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करना

मंत्रियों ने क्या कहा?

Jual Oram ने कहा कि आदिवासी हस्तशिल्प बेहद मूल्यवान हैं, लेकिन कारीगरों को अक्सर उनका सही दाम नहीं मिल पाता। सरकार इस अंतर को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं Savitribai Thakur ने कहा कि RISA जैसी पहलें कारीगरों को मुख्यधारा के बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगी। Ranjana Chopra के अनुसार, “RISA” नाम त्रिपुरा के पारंपरिक स्टोल ‘रिसा’ से प्रेरित है, जो वहां की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

परंपरा और डिजाइन का संगम

डिजाइनर Manish Tripathi ने बताया कि RISA एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा।

परियोजना के प्रमुख फोकस एरिया

  • आदिवासी उत्पादों को आधुनिक डिजाइन से जोड़ना
  • कारीगरों को ट्रेनिंग देकर स्किल डेवलपमेंट
  • हस्तशिल्प के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना
  • इको-फ्रेंडली प्रीमियम पैकेजिंग विकसित करना

 पहले चरण में क्या होगा खास?

इस योजना के पहले चरण में 10 क्लस्टर शामिल किए गए हैं, जिनमें:

  • 5 प्रकार की बुनाई
  • 2 प्रकार की कढ़ाई
  • 3 प्रकार के हस्तशिल्प

प्रमुख उत्पादों में मणिपुर की लोंगपी पॉटरी, लद्दाख की ब्रास कटलरी और छत्तीसगढ़ की ढोकरा कला शामिल हैं।

 डिजाइन और पैकेजिंग पर खास ध्यान

National Institute of Design ने इस ब्रांड के लिए विशेष पैकेजिंग तैयार की है। कई प्रमुख डिजाइनरों के सहयोग से RISA को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की तैयारी है।

 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

यह पहल Narendra Modi के “Viksit Bharat” और “Aatmanirbhar Bharat” विजन को मजबूती देती है। इससे आदिवासी समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है।
 

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