Edited By Tanuja,Updated: 01 Apr, 2026 12:08 PM

इजराइल ने ईरान की एक दवा फैक्टरी पर हमला कर उसे हथियार कार्यक्रम से जोड़ा, जबकि ईरान ने इसे अस्पतालों के लिए दवा उत्पादन बताया। खाड़ी में टैंकर हमलों के बीच तनाव और बढ़ गया है, जिससे मिडिल ईस्ट में युद्ध और खतरनाक हो गया है।
International Desk: इजरायली वायु सेना ने आज तेहरान के पास दारन ज़िले में ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स (MODAFL) से जुड़ी कई जगहों पर हमला किया। यह हमला सैन्य बुनियादी ढांचे पर चलाए जा रहे एक बड़े अभियान के तहत हथियारों के उत्पादन और अनुसंधान स्थलों को निशाना बनाकर किया गया। इजराइल ने रासायनिक हथियार कार्यक्रम में इस्तेमाल के लिए ''ईरान सरकार को फेंटालिन की आपूर्ति करने वाले वाली'' एक फैक्टरी पर हमला किया है। इजराइल ने बुधवार तड़के यह जानकारी दी। ईरान ने तोफीघ डारू फैक्टरी पर हमले की पुष्टि की लेकिन उसने साथ ही कहा कि यह फैक्टरी केवल ''अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली ऐसी दवाओं'' की आपूर्ति करती थी जिनका उपयोग चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में होता है।
इजराइल और ईरान ने बताया कि यह हमला मंगलवार को किया गया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान स्थित फैक्टरी की एक तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''इजराइल के युद्ध अपराधी दवा कंपनियों पर अब खुलेआम और बेशर्मी से बमबारी कर रहे हैं।'' भीषण दर्द के इलाज के लिए अस्पतालों में फेंटानिल का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल जानलेवा भी हो सकता है।इजराइल और अमेरिका ने हाल के वर्षों में दावा किया है कि ईरान हथियारों में फेंटानिल के इस्तेमाल के लिए परीक्षण कर रहा है। अमेरिका ने यह दावा करते हुए ईरान के उस शैक्षणिक शोध का भी हवाला दिया था जिसमें यह अध्ययन किया गया कि 2002 में चेचेन चरमपंथियों द्वारा मॉस्को के थिएटर में लोगों को बंधक बनाए जाने की घटना के दौरान रूस ने संभवतः फेंटानिल का कैसे इस्तेमाल किया। इजराइल ने आरोप लगाया कि 'तोफीघ डारू' तेहरान के एक उन्नत अनुसंधान संस्थान एसपीएनडी को फेंटानिल की आपूर्ति करता था।
अमेरिका का आरोप है कि एसपीएनडी ने ऐसे शोध और परीक्षण किए हैं जिनका इस्तेमाल परमाणु विस्फोटक उपकरणों और अन्य हथियारों के विकास में किया जा सकता है। इस बीच, प्राधिकारियों ने बताया कि बुधवार तड़के कतर के तट के पास एक टैंकर पोत पर हमला हुआ। ब्रिटेन की सेना के 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' केंद्र ने हमले की घोषणा करते हुए कहा कि प्रक्षेपास्त्र पोत के किनारे से टकराया। उसने कहा कि इस दौरान पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हुआ और चालक दल सुरक्षित है। मंगलवार को दुबई के तट के पास तेल से भरे एक कुवैती टैंकर पर हमला हुआ था। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान फारस की खाड़ी में 20 से अधिक पोत पर हमले कर चुका है।