Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Apr, 2026 03:33 PM

लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों में 1 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल दर्ज किया गया। वैश्विक संकेतों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार में रौनक...
बिजनेस डेस्कः लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों में 1 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल दर्ज किया गया। वैश्विक संकेतों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार में रौनक लौट आई। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ने शुरुआती कारोबार में तेज उछाल दर्ज किया। सेंसेक्स करीब 1900 अंक तक चढ़ा, जबकि निफ्टी 2.5% से ज्यादा बढ़कर 22,900 के स्तर के पार पहुंच गया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1186.77 अंकों की तेजी के साथ 73,134.32 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 348 अंकों की बढ़त के साथ 22,679.40 के स्तर पर आ गया। इससे पहले मार्च में दोनों प्रमुख इंडेक्स 11% से ज्यादा टूटे थे, जो पिछले छह वर्षों का सबसे खराब मासिक प्रदर्शन रहा। ऐसे में आज की तेजी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 13 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 425 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया।
तेजी के पीछे 5 बड़े कारण.....
1. भू-राजनीतिक तनाव में नरमी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार को मजबूती मिली। Donald Trump ने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में ईरान के साथ सैन्य तनाव खत्म हो सकता है। साथ ही ईरान की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
तनाव कम होने की उम्मीद के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई। इससे भारत जैसे आयातक देश के लिए राहत बनी और बाजार को सपोर्ट मिला।
3. ग्लोबल बाजारों से मजबूती
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में तेज उछाल का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा। अमेरिकी टेक इंडेक्स Nasdaq में करीब 4% की तेजी आई, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
4. वैल्यू बायिंग का जोर
हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। निफ्टी 50 के सभी शेयर हरे निशान में दिखे, जो व्यापक खरीदारी का संकेत है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 3% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
5. India VIX में गिरावट
मार्केट की घबराहट को दर्शाने वाला India VIX करीब 10% गिरकर 25 के स्तर पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का डर कम हुआ है और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है।