बिना शराब के भी लिवर हो सकता है खराब… ये आम आदतें भी आपके Liver को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकती हैं

Edited By Updated: 02 Apr, 2026 03:54 AM

liver damage can occur even without alcohol

सिर्फ हेल्दी दिखने भर से लिवर स्वस्थ रहेगा, यह मानना अब सही नहीं है। आजकल डॉक्टर ऐसे लोगों में भी Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर) की समस्या देख रहे हैं, जो न शराब पीते हैं, न धूम्रपान करते हैं और घर का खाना ही खाते हैं।

नेशनल डेस्कः सिर्फ हेल्दी दिखने भर से लिवर स्वस्थ रहेगा, यह मानना अब सही नहीं है। आजकल डॉक्टर ऐसे लोगों में भी Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर) की समस्या देख रहे हैं, जो न शराब पीते हैं, न धूम्रपान करते हैं और घर का खाना ही खाते हैं।

यह स्थिति इसलिए उलझन भरी लगती है क्योंकि बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर लिवर पर दबाव बढ़ता रहता है। इसकी असली वजह हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें हैं, जिन पर अक्सर ध्यान नहीं जाता।

लाइफस्टाइल से जुड़ी बनती जा रही बीमारी
डॉक्टरों के मुताबिक, नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी बन चुकी है। यह तब होती है जब बिना शराब के सेवन के भी लिवर में फैट जमा होने लगता है। ScienceDirect में प्रकाशित एक बड़ी स्टडी बताती है कि शहरी भारत में यह समस्या अब आम होती जा रही है और इसका सीधा संबंध बदलती लाइफस्टाइल से है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
एक्सपर्ट के अनुसार, “यह एक आम गलतफहमी है कि लिवर की बीमारी सिर्फ शराब से होती है। कई नॉन-अल्कोहोलिक कारण भी लिवर के कामकाज को प्रभावित करते हैं।” दरअसल, जिस नॉर्मल डाइट को हम सही मानते हैं, वह अब पहले जैसी नहीं रही। रिफाइंड आटा, छिपी हुई शुगर, पैकेज्ड स्नैक्स और बार-बार बाहर का खाना मंगाना धीरे-धीरे लिवर में फैट जमा करने लगता है। लिवर का काम शरीर में जाने वाली हर चीज को प्रोसेस करना है, लेकिन जब यह ओवरलोड हो जाता है, तो फैट जमा होने लगता है।

छोटी आदतें बन रहीं बड़ी समस्या
कम चलना-फिरना, लंबे समय तक बैठे रहना और नींद की कमी मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देती है। World Health Organization के अनुसार, शारीरिक गतिविधि की कमी मेटाबॉलिक बीमारियों का बड़ा कारण है। इसके अलावा, कुछ ऐसे कारण भी हैं जिन पर लोग ध्यान नहीं देते जैसे लंबे समय तक दवाइयों का सेवन, क्रैश डाइटिंग, अनियमित खाने की आदतें और अचानक तेजी से वजन कम करना।

एक्सपर्ट के मुताबिक, ये सभी चीजें लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं और समय के साथ समस्या को बढ़ा सकती हैं।

शुरुआत में नहीं दिखते लक्षण
इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। हल्की थकान, पेट फूलना या सामान्य असहजता को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती चरण में मरीज बिना किसी खास लक्षण के भी हो सकते हैं, और जब तक समस्या का पता चलता है, तब तक स्थिति गंभीर हो सकती है।

कैसे रखें लिवर को सुरक्षित?
इससे बचने के लिए बहुत बड़े बदलाव की जरूरत नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सुधार ज्यादा असरदार होते हैं।

  • प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा मीठे पेय से बचें
  • देर रात खाना खाने की आदत छोड़ें
  • बिना जरूरत सप्लीमेंट्स न लें
  • रोज कम से कम 30 मिनट वॉक करें
  • संतुलित आहार और अच्छी नींद को प्राथमिकता दें

याद रखें, लिवर की सेहत आपके रोजमर्रा के फैसलों पर निर्भर करती हैऔर समय रहते सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। 

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें

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