Edited By Pardeep,Updated: 14 Aug, 2026 11:04 PM

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बदलाव और नई जिंदगी की एक बेहद खूबसूरत मिसाल सामने आई है। माओवादी या नक्सल शब्द सुनते ही अमूमन लोगों के दिमाग में हथियार उठाए और चेहरा ढंके लोगों की डरावनी तस्वीरें उभरती हैं, लेकिन रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम ने इस...
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बदलाव और नई जिंदगी की एक बेहद खूबसूरत मिसाल सामने आई है। माओवादी या नक्सल शब्द सुनते ही अमूमन लोगों के दिमाग में हथियार उठाए और चेहरा ढंके लोगों की डरावनी तस्वीरें उभरती हैं, लेकिन रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम ने इस सोच को पूरी तरह बदल कर रख दिया। बस्तर के घने जंगलों में कभी हथियार उठाने वाली पूर्व महिला नक्सलियों ने एक शानदार कार्यक्रम में हिस्सा लेकर रैंप वॉक किया, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बटोरीं तालियां
यह विशेष वीडियो 'नेशनल हैंडलूम डे' (राष्ट्रीय हथकरघा दिवस) के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम का है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल हुए थे। जब मुख्यधारा में शामिल हो चुकीं इन महिलाओं ने हथकरघा (हैंडलूम) के बने खूबसूरत कपड़े पहनकर रैंप पर वॉक किया, तो दर्शकों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया और उनका हौसला बढ़ाया।
सामान्य जीवन और नए करियर की शुरुआत
देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के चलते इन महिलाओं की जिंदगी में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। आज ये महिलाएं न केवल सामान्य जीवन जी रही हैं, बल्कि सामाजिक संगठनों के साथ काम कर रही हैं और नए करियर बना रही हैं। मुख्यधारा में लौटने के बाद उनके पास आगे बढ़ने के ऐसे कई शानदार अवसर आए हैं, जो पहले बस्तर के जंगलों में उनकी पहुंच से बिल्कुल बाहर थे।