Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 18 Mar, 2026 05:52 PM

Lok Sabha ने 18 मार्च 2026 को एक अहम फैसला लेते हुए “वन नेशन, वन इलेक्शन” से जुड़े दो प्रमुख विधेयकों की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय देने को मंजूरी दे दी।
नेशनल डेस्क: Lok Sabha ने 18 मार्च 2026 को एक अहम फैसला लेते हुए “वन नेशन, वन इलेक्शन” से जुड़े दो प्रमुख विधेयकों की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय देने को मंजूरी दे दी। सदन में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ, जिसके बाद अब समिति को अपनी रिपोर्ट 2026 के मॉनसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक पेश करने की अनुमति मिल गई है।
किसने रखा प्रस्ताव?
संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष P. P. Chaudhary ने सदन में समय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि समिति को दोनों अहम विधेयकों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है।
किन विधेयकों पर हो रहा काम?
- संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024
- इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है।
- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024
- यह प्रस्तावित व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लाया गया है।
इन विधेयकों को दिसंबर 2024 में संसद में पेश किया गया था और आगे की जांच के लिए JPC को भेजा गया था।
बैठकों में क्या हुआ?
समिति की बैठकों में कई अनुभवी नेताओं और विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। 9 मार्च 2026 को हुई बैठक में Ghulam Nabi Azad ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अगर देश में एक साथ चुनाव कराए जाते हैं, तो एक ही मतदाता सूची का इस्तेमाल होगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो सकती है।
आगे क्या होगा?
अब समिति विभिन्न राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की रणनीति तय करेगी, जिससे भारत की चुनावी प्रणाली में बड़े बदलाव संभव हैं।