विपक्ष 'लोकतंत्र का मजाक' उड़ा रहा है, उसने संसद नहीं चलने दी: शिवराज चौहान

Edited By Updated: 14 Aug, 2026 05:32 PM

opposition is making a mockery of democracy not allow parliament to function

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने संसद नहीं चलने दी और वह "लोकतंत्र का मजाक" बना रहा है। चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी...

शिवराज सिंह चौहानः केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने संसद नहीं चलने दी और वह "लोकतंत्र का मजाक" बना रहा है। चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़ और दादरा और नगर हवेली में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी' (सीबीडीसी) पर आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को शुरू करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया समेत कई लोग मौजूद थे।

अपने संबोधन के दौरान चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है कि पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि संसद किसानों और गरीबों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और बहस के लिए है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा, "लेकिन वे इसे चलने नहीं देंगे। जब हमने उनकी एक मांग मान ली, तो उन्होंने दूसरी मांग रख दी और फिर एक और मांग ले आए। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि ये लोग लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "संविधान को कलंकित करने का पाप कर रहे हैं।" संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दों पर किया गया। चौहान ने विपक्ष के नेता गांधी की भी आलोचना की, जिन्होंने दिल्ली में 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए विदेश नीति को संभालने के प्रधानमंत्री मोदी के तरीके का मजाक उड़ाया था; उनका दावा था कि यह नीति "सिर्फ नेताओं को गले लगाने" तक ही सीमित है।

उन्होंने गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई। चौहान ने कहा कि विदेश नीति पर चर्चा के दौरान गांधी ने जिस तरह अपनी पार्टी के नेता को गले लगाया और फिर उस नेता ने एक स्वतंत्र और संप्रभु देश की महिला प्रधानमंत्री के लिए "अनुचित" भाषा का इस्तेमाल किया, वह "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" था। चौहान ने कहा कि यह दुनिया भर की माताओं और बहनों का अपमान है। इससे पहले, बृहस्पतिवार शाम यहां पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री जोशी ने भी गांधी पर निशाना साधा। 

उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को लगता है कि वह "राज करने के लिए ही पैदा हुए हैं" और आरोप लगाया कि उनकी "हताशा" साफ दिख रही थी। गांधी के व्यवहार से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए जोशी ने कहा, "राहुल गांधी में निराशा और मायूसी साफ तौर पर देखी जा सकती है। वह पूरी तरह से हताश हो चुके हैं।" 

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