Edited By Pardeep,Updated: 15 Aug, 2026 06:43 AM

पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर शनिवार सुबह भूकंप के बेहद तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है। भूकंप के खौफ से तटीय इलाकों के सैकड़ों लोग सुरक्षित...
जकार्ता: पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर शनिवार सुबह भूकंप के बेहद तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है। भूकंप के खौफ से तटीय इलाकों के सैकड़ों लोग सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
अस्पताल से भागे मरीज, दीवारों में आई दरारें
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूकंप का केंद्र फ्लोरेस द्वीप के उत्तरी तट पर, एंडे (Ende) शहर से लगभग 68 किलोमीटर (42 मील) उत्तर-पश्चिम में था। इस मुख्य झटके के बाद इलाके में कई मजबूत आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) भी महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.1 दर्ज की गई।
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोगों में दहशत फैल गई। 31 वर्षीय अस्पताल कर्मचारी लुकास लोटार ने बताया, "अचानक धरती हिलने लगी और मैं घबरा गया। भूकंप का झटका बहुत बड़ा था, जिसके कारण अस्पताल से मरीज भी बाहर भाग खड़े हुए। मैंने देखा कि अस्पताल की कुछ दीवारों में दरारें आ गई थीं"।
0.5 से 3 मीटर तक उठ सकती हैं सुनामी की लहरें
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी (BMKG) ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप से समुद्र में खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। बीएमकेजी के भूकंप और सुनामी विभाग के निदेशक विजयांतो ने बताया कि इस भूकंप में ईस्ट नूसा तेंगारा, साउथ सुलावेसी और वेस्ट नूसा तेंगारा प्रांतों में सुनामी पैदा करने की क्षमता है।
प्रशासन ने तटीय इलाकों में 0.5 मीटर से लेकर 3 मीटर (1.6 से 9.8 फीट) तक की लहरें उठने का अलर्ट जारी किया है। फ्लोरेस द्वीप के मऊमेरे (Maumere) शहर में समुद्र का पानी पीछे हटते देखा गया है, जो संभावित सुनामी का एक स्पष्ट संकेत है। लोग अपनी जान बचाने के लिए तेजी से ऊंचाई वाले इलाकों की तरफ जा रहे हैं।
नुकसान की तस्वीरें आईं सामने, कोई हताहत नहीं
इंडोनेशियाई टेलीविजन पर प्रसारित खबरों में नेगेकियो (Nagekeo) रीजेंसी में भी सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। टीवी फुटेज में कुछ क्षतिग्रस्त इमारतें भी नजर आ रही हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने अभी तक किसी के हताहत होने या जानमाल के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन तटीय इलाकों में 19 से 30 सेंटीमीटर के बीच सुनामी की लहरें दर्ज की जा चुकी हैं।
'रिंग ऑफ फायर' में बसा है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया और उसके पड़ोसी देश प्रशांत महासागर के बेहद सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) पर स्थित हैं, जिसके कारण यहां अक्सर भूकंप और सुनामी का खतरा बना रहता है।
- साल 2004 का महाविनाश: इंडोनेशिया के इतिहास में साल 2004 में सुमात्रा के तट पर आया 9.1 तीव्रता का भूकंप और उसके बाद आई सुनामी सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी। इस आपदा में पूरे क्षेत्र में लगभग 2,20,000 लोग मारे गए थे, जिनमें से अकेले इंडोनेशिया में 1,70,000 मौतें हुई थीं।
- 2018 का दोहरा कहर: साल 2018 में लोम्बोक द्वीप पर आए भूकंप के कारण 550 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इसी साल सुलावेसी द्वीप के पालू में आए 7.5 तीव्रता के भूकंप और विनाशकारी सुनामी में 4,300 से अधिक लोग मारे गए या लापता हो गए थे।