राजस्थान में ISI जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश! हनीट्रैप में फंसा युवक 5 दिन की पुलिस रिमांड पर

Edited By Updated: 31 Jan, 2026 10:19 PM

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जयपुर में राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े जासूसी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। जैसलमेर से गिरफ्तार आरोपी झबराराम को अदालत ने पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

नेशनल डेस्क: जयपुर में राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े जासूसी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। जैसलमेर से गिरफ्तार आरोपी झबराराम को अदालत ने पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान उससे सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां लीक करने के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जाएंगी।

 कोर्ट ने 5 फरवरी तक दी इंटेलिजेंस कस्टडी

शनिवार 31 जनवरी 2026 को आरोपी झबराराम को जयपुर की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच हुई पेशी के दौरान राजस्थान इंटेलिजेंस ने पुलिस रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब आरोपी 5 फरवरी तक इंटेलिजेंस यूनिट की हिरासत में रहेगा।

 जैसलमेर से गिरफ्तारी, लंबे समय से निगरानी में था आरोपी

इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक झबराराम को 30 जनवरी को जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र से पकड़ा गया था। गिरफ्तारी से पहले उसकी गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियां कई दिनों से नजर बनाए हुए थीं। संदिग्ध संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर उसे दबोचा गया।

हनीट्रैप में फंसकर लीक करता था सेना की जानकारी

जांच में सामने आया है कि आरोपी पैसों के लालच में ISI हैंडलर्स के संपर्क में आया था। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए वह भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था। इनमें सैन्य गतिविधियां, मूवमेंट, फोटो और वीडियो शामिल थे। बताया जा रहा है कि एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर के हनीट्रैप में फंसकर उसने अपना व्हाट्सएप एक्सेस तक साझा कर दिया था, जिससे भारत के नंबर का इस्तेमाल पाकिस्तान से किया जा रहा था।

 मोबाइल से मिले पुख्ता डिजिटल सबूत

आरोपी के मोबाइल फोन से चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो बरामद किए गए हैं, जिनसे जासूसी गतिविधियों की पुष्टि हुई है। बदले में उसे छोटी-छोटी रकम दी जाती थी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैसलमेर क्षेत्र से यह जासूसी के आरोप में छठी बड़ी कार्रवाई है।

आगे क्या होगी जांच की दिशा

पुलिस रिमांड के दौरान इंटेलिजेंस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम आरोपी से गहन पूछताछ करेगी। फोकस ISI हैंडलर्स, संपर्क चैनलों और संभावित सहयोगियों तक पहुंचने पर रहेगा। साथ ही यह भी जांच होगी कि कहीं और संवेदनशील जानकारियां तो लीक नहीं हुईं।

 पुलिस की आम लोगों से अपील

राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अनजान संपर्क या लालच भरे प्रस्ताव की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें, ताकि समय रहते ऐसे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
 

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