Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 30 Mar, 2026 06:26 PM

मुंबई की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अब उनके बेटे पार्थ पवार ने राज ठाकरे से मुलाकात कर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
नेशनल डेस्क: मुंबई की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अब उनके बेटे पार्थ पवार ने राज ठाकरे से मुलाकात कर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
डेढ़ घंटे की बैठक से बढ़ी सियासी अटकलें
सोमवार को पार्थ पवार, मुंबई के शिवाजी पार्क स्थित राज ठाकरे के आवास “शिवतीर्थ” पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक लंबी बातचीत हुई। हालांकि इस मुलाकात में क्या चर्चा हुई, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बड़े बदलाव की आहट के तौर पर देखा जा रहा है।
ठाकरे परिवार में दूरी के संकेत
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच हाल के समय में दूरी बढ़ती नजर आ रही है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान दोनों के बीच जो तालमेल दिखा था, वह अब लगभग खत्म होता नजर आ रहा है। खासकर MNS को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी की खबरें सामने आई हैं।
पुणे जमीन विवाद में पहले भी दिखा था समर्थन
पार्थ पवार का नाम जब पुणे के कथित जमीन विवाद में सामने आया था, तब राज ठाकरे ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया था और मामले की आलोचना की थी। यही वजह है कि दोनों नेताओं के बीच यह नई मुलाकात राजनीतिक तौर पर और ज्यादा अहम मानी जा रही है।
NCP के अंदर भी बढ़ रहा असंतोष
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। रायगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान लगे पोस्टरों में केवल सुनील तटकरे और उनकी बेटी अदिति तटकरे की तस्वीरें थीं, जबकि अजित पवार और सुनेत्रा पवार की फोटो नहीं होने पर विवाद खड़ा हो गया। बाद में तटकरे ने इस पर खेद जताया और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि भविष्य में पार्टी नेतृत्व की तस्वीरें अनिवार्य रूप से लगाई जाएं।
पार्थ पवार की नई राजनीतिक रणनीति
महाराष्ट्र में फिलहाल अगले कुछ सालों तक कोई बड़ा चुनाव नहीं है। ऐसे में पार्थ पवार संगठन को मजबूत करने और नए चेहरों को जोड़ने पर फोकस कर रहे हैं। राज ठाकरे से उनकी मुलाकात को इसी रणनीतिक पहल का हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति में नए समीकरण बना सकती है। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के नतीजों को लेकर तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।